News UDI | गढ़वा : समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी और उम्मीद का माहौल एक साथ देखने को मिला, जब उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने खुद कमान संभालते हुए जिले भर से पहुंचे फरियादियों की सुध ली। जनसुनवाई के दौरान जब भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में देरी, अबुआ आवास की रुकी किस्त और आंगनबाड़ी सेविका चयन में धांधली जैसे गंभीर मामले सामने आए, तो उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों की क्लास लेते हुए लापरवाही बरतने वालों को सख्त हिदायत दी और मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान लगभग 25 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अतिक्रमण, रोजगार और बकाया मजदूरी जैसे मुद्दे छाए रहे।
जनसुनवाई की प्रमुख गूंज : जब फरियादियों ने बयां किया दर्द

- NH-39 चौड़ीकरण में जमीन गई, पर मुआवजा नहीं : रमना प्रखंड के बहियार खुर्द की रहने वाली शकुंती देवी ने बताया कि NH-39 सड़क निर्माण के लिए उनकी भूमि अधिग्रहित तो कर ली गई, लेकिन मुआवजा आज तक नहीं मिला। दो बार जिला भू-अर्जन कार्यालय के चक्कर काटने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए भू-अर्जन विभाग को मामले का अविलंब निस्तारण करने का निर्देश दिया।
- छत तक बना अबुआ आवास, तीसरी किस्त गायब: सदर प्रखंड के नवादा गांव की शाहजहां बीवी ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए बताया कि वर्ष 2024-25 में मंजूर हुए अबुआ आवास के तहत उन्हें पहली और दूसरी किस्त मिल चुकी थी, जिससे उन्होंने छत के स्तर (Roof Level) तक निर्माण पूरा कर लिया। लेकिन तीसरी किस्त न मिलने से काम ठप पड़ा है। DC ने संबंधित अधिकारियों को बकाया किस्त तुरंत जारी करने के आदेश दिए।
- आंगनबाड़ी सेविका चयन में धांधली का आरोप : मेराल प्रखंड के चामा (उत्तर हरिजन टोला, केंद्र संख्या-12) से पहुंचीं प्रियंका कुंवर ने 14 अक्टूबर 2026 को हुई चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता के आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि बिना उचित सूचना दिए और ग्राम सभा की सहमति के बिना नियमों की अनदेखी कर मनमानी चयन प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे योग्य उम्मीदवार वंचित रह गए। उपायुक्त ने मामले की जांच कर नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।
- एसडीएम कोर्ट में लंबित मामला, फिर भी विवादित जमीन पर कब्जा : मेराल के अधौरा निवासी मेघराज साव ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी 1.58 एकड़ जमीन का मामला अनुमंडल अधिकारी (SDM) और अंचल अधिकारी (CO) के समक्ष विचाराधीन है। इसके बावजूद दूसरा पक्ष जबरन निर्माण और खेती कर रहा है, जिससे गांव में मारपीट और बड़े विवाद की आशंका बन गई है। उपायुक्त ने अंचल व पुलिस प्रशासन को तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर जांच के निर्देश दिए।
अधिकारियों को सख्त हिदायत : ‘जनसमस्याओं में ढिलाई बर्दाश्त नहीं’
जनसुनवाई में आए प्रत्येक फरियादी की बात को सुनने के बाद उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने दूरभाष पर कई विभागीय अधिकारियों से सीधे बात की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि “आम जनता की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिकायतों के निष्पादन में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाएं, लापरवाही करने वाले अफसरों पर सीधी कार्रवाई होगी।”



















