News UDI | गढ़वा : जिले के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है। गढ़वा के 26 पीएमश्री (PM SHRI) विद्यालयों में विकास योजनाओं की राशि के बंदरबांट की पुष्टि होने के बाद उपायुक्त (DC) दिनेश कुमार यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। डीसी ने को इस गड़बड़ी का मुख्य जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा है।
बिना टेंडर उड़ा दिए 2.80 करोड़ रुपये
जांच रिपोर्ट में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह नियमों की अनदेखी से जुड़ा है। सरकारी प्रावधानों के अनुसार, 1.50 लाख रुपये से अधिक के किसी भी कार्य के लिए ओपन निविदा (Tender) निकालना अनिवार्य है। लेकिन डीईओ कार्यालय और संबंधित अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर 2.80 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि बिना किसी टेंडर के ही ठिकाने लगा दी।

जांच में खुली पोल: न पौधे लगे, न हुआ इलाज
अपर समाहर्ता राज महेश्वर के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम की जांच में कई गंभीर खामियां पाई गईं:
- फर्जी हेल्थ कैंप: बच्चों की स्वास्थ्य जांच किसी पंजीकृत (Registered) डॉक्टर से नहीं कराई गई, जो बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ है।
- कागजी पौधरोपण: पौधरोपण के नाम पर राशि तो निकाल ली गई, लेकिन धरातल पर न तो पर्याप्त पौधे मिले और न ही उनकी सुरक्षा के लिए घेराबंदी (Fencing) की गई।
- काउंसलिंग में खानापूर्ति: छात्रों के भविष्य से जुड़े ‘करियर गाइडेंस’ कार्यक्रम में प्रशिक्षण देने वाले लोग न तो प्रशिक्षित थे और न ही बच्चों को इसका लाभ मिला।
- अधूरे कार्य, पूरी निकासी: कई मदों में राशि की निकासी काम पूरा होने से पहले ही कर ली गई।
डीसी की सख्त कार्रवाई : उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने अपने गोपनीय कार्यालय के पत्रांक 555 के माध्यम से राज्य परियोजना निदेशक और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को पत्र भेजकर DEO कैसर रजा पर तत्काल कार्रवाई की अनुशंसा की है।

शिक्षा जगत में हड़कंप
मार्च 2025 में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आवंटित इस राशि के दुरुपयोग ने जिले की शिक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। आदर्श विद्यालय बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘पीएमश्री योजना’ में इस तरह की सेंधमारी से विभाग की काफी किरकिरी हो रही है। अब सबकी नजरें रांची स्थित मुख्यालय पर टिकी हैं कि भ्रष्ट तंत्र पर कब और कितनी कड़ी चोट की जाती है।






