News UDI | गढ़वा : गढ़वा शहर के उंचरी मोहल्ले में चल रहे अवैध और अनैतिक गोकशी के काले कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने शनिवार को अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) संजय कुमार और SDPO नीरज कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने उंचरी की गलियों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाकर अवैध रूप से संचालित एक अस्थाई बूचड़खाने को ध्वस्त कर दिया। मौके से गोकशी के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद प्रशासन ने अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
खुफिया रणनीति और औचक छापेमारी
पिछले काफी समय से उंचरी क्षेत्र में अवैध बूचड़खानों की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं। हाल ही में तिलैया नदी के पास श्मशान घाट के समीप गोवंशीय पशुओं के अवशेष फेंके जाने की लिखित शिकायत उपायुक्त को मिली थी। इसी के आधार पर SDM संजय कुमार ने दो दिन पूर्व उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर इस गुप्त मिशन की रणनीति तैयार की थी। शनिवार को भारी पुलिस बल के साथ जब अधिकारियों का काफिला उंचरी की गलियों में घुसा, तो हड़कंप मच गया।
टीन शेड के भीतर मिला ‘मौत का सामान’

रेलवे लाइन के समीप ईंटों और टीन शेड से बनी दो संदिग्ध अस्थाई संरचनाओं के बाहर भारी मात्रा में हड्डियां और दुर्गंध मिलने पर अधिकारियों ने ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। अंदर का नजारा भयावह था—वहां भारी मात्रा में चमड़ा, प्रतिबंधित पशु अवशेष और वध के उपकरण बरामद हुए। जिला पशुपालन पदाधिकारी विद्यासागर सिंह ने मौके पर ही प्राथमिक जांच में गोकशी की पुष्टि की।
वीडियोग्राफी के बीच निस्तारण और साक्ष्यों का संकलन
SDM के आदेश पर जेसीबी से अवैध संरचना को ढहा दिया गया। बरामद अवशेषों की वीडियोग्राफी कराई गई और विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत उन्हें जमीन में गाड़कर निस्तारित किया गया। प्रशासन को मौके से गोवंशीय पशुओं के कान में लगने वाले बारकोड युक्त टैग भी मिले हैं। इन टैगों के जरिए अब उन पशु मालिकों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने अपने पशुओं को इन बूचड़खानों तक पहुँचाया।
प्रमुख अधिकारी जो टीम में रहे शामिल :
- संजय कुमार (अनुमंडल पदाधिकारी)
- नीरज कुमार (SDPO)
- विद्यासागर सिंह (जिला पशुपालन पदाधिकारी)
- सफी आलम (अंचल अधिकारी)
- सुशील कुमार (नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी)
- दीपश्री (खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी)
- सुनील कुमार तिवारी (पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी गढ़वा)
- नगर प्रबंधक एवं प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी।

प्रशासनिक चेतावनी : “बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी”
SDM संजय कुमार ने स्पष्ट लहजे में कहा कि इस मामले में नगर परिषद, थाना प्रभारी और पशुपालन पदाधिकारी को झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम 2005 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
“अंचल अमीन और राजस्व कर्मचारियों को जमीन के मालिकाना हक की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जिस जमीन पर यह अवैध धंधा चल रहा था, उसके भू-स्वामी पर भी गाज गिरेगी। यह अभियान रुकने वाला नहीं है, अवैध कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।” — संजय कुमार, SDM गढ़वा
जनता से अपील : पहचान गुप्त, सुरक्षा पुख्ता
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास ऐसा कोई भी अवैध काम हो रहा है, तो उसकी सूचना तुरंत दें। सूचना देने वालों का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद से अवैध मांस कारोबारियों और पशु तस्करों में हड़कंप व्याप्त है। प्रशासन की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ ने साफ कर दिया है कि जिले में कानून का राज सर्वोपरि है।







