मकान सूचीकरण और स्व-गणना की तिथियां घोषित; गढ़वा समाहरणालय में दो चरणों में मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू
News UDI | गढ़वा : भारत की आगामी जनगणना-2027 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। बुधवार, 08 अप्रैल 2026 को समाहरणालय सभागार में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (Houselisting & Housing Census) के प्रथम चरण को लेकर प्रगणकों और फील्ड ट्रेनर्स के लिए दो चरणों वाले विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। इस बार की जनगणना न केवल ऐतिहासिक होगी, बल्कि पूरी तरह ‘डिजिटल’ होकर देश के डेटा प्रबंधन को नई दिशा देगी।
दो चरणों में चलेगा प्रशिक्षण : समय और शेड्यूल
प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो हिस्सों में बांटा गया है ताकि हर प्रगणक और ट्रेनर को बारीकी से दक्ष बनाया जा सके :
- प्रथम चरण : 08 अप्रैल 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक।
- द्वितीय चरण : 11 अप्रैल 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक।
- समय : प्रतिदिन प्रातः 9:30 बजे से सायं 6:00 बजे तक।
महत्वपूर्ण तिथियां : कब क्या होगा?
मास्टर ट्रेनर श्री राजकमल ने कार्यक्रम के दौरान जनगणना के आगामी शेड्यूल का खुलासा किया :
- स्व-गणना (Self Enumeration): 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक।
- क्षेत्रीय गणना (Field Work): 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक (प्रस्तावित)।
कागज रहित और सटीक : ‘डिजिटल जनगणना’ के फायदे

नगर पंचायत श्रीबंशीधर नगर के कार्यपालक पदाधिकारी सह मास्टर ट्रेनर श्री राजकमल ने पीपीटी के जरिए बताया कि इस बार डेटा संग्रह पेन-कागज के बजाय मोबाइल एप के जरिए होगा। इसके मुख्य लाभ निम्न हैं :
- त्वरित और सुरक्षित : जानकारी सीधे सर्वर पर अपलोड होगी, जिससे डेटा चोरी या गुम होने का डर नहीं रहेगा।
- त्रुटिहीन डेटा : एप के इस्तेमाल से डेटा एंट्री की गलतियां न्यूनतम होंगी और Real-Time निगरानी संभव होगी।
- पर्यावरण अनुकूल : पूरी प्रक्रिया पेपरलेस होने से पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
- सटीक निर्णय : आंकड़ों का विश्लेषण तेजी से होगा, जिससे सरकार को विकास योजनाओं के निर्माण में आसानी होगी।
तकनीकी शर्तें : फोन का अपडेट होना जरूरी
डिजिटल गणना के लिए तकनीकी मानक भी तय किए गए हैं :
- Android: वर्जन 11 या उससे ऊपर, न्यूनतम 4GB रैम।
- iOS: वर्जन 15.0 या उससे ऊपर।
- सावधानी : फॉर्म भरते समय भाषा चयन सोच-समझकर करें, क्योंकि एक बार चुनने के बाद इसे बदला नहीं जा सकेगा।
अधिकारियों का संदेश : “राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी अनिवार्य”
अपर समाहर्ता सह जिला जनगणना पदाधिकारी श्री राज महेश्वरम ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और ट्रेनर्स को प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने और पूरी गंभीरता से कार्य करने को कहा।
सहायक निदेशक (आईटी) श्री सुब्रत सेन (जनगणना कार्य निदेशालय, झारखंड) ने भी डेटा संग्रहण की आधुनिक विधियों और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
इन प्रखंडों के ट्रेनर्स ने लिया हिस्सा
आज के सत्र में गढ़वा, मेराल, कांडी, रंका, रमकंडा, चिनियाँ, रमना, खरौंधी एवं धुरकी प्रखंडों के फील्ड ट्रेनर्स शामिल हुए। कार्यक्रम में खरौंधी अंचल अधिकारी सह मास्टर ट्रेनर श्री गौतम कुमार लकड़ा सहित कई अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और चार्ज फील्ड ट्रेनर्स उपस्थित थे।
निष्कर्ष
जनगणना केवल सिरों की गिनती नहीं, बल्कि देश के सामाजिक-आर्थिक विकास की आधारशिला है। गढ़वा में शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना 2027 को पारदर्शी, तकनीकी रूप से सुदृढ़ और भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।






