झारखंड के गढ़वा जिले के बरडीहा थाना क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। 3 वर्षीय मासूम अनुराग उरांव की हत्या के मामले में पुलिस ने अंधविश्वास से प्रेरित साजिश का खुलासा करते हुए दो आरोपियों—पिता और पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

लापता होने से लेकर शव बरामदगी तक
24 फरवरी 2026 को ओबरा गांव के उरांव टोला की मीरा देवी पति जीतेंद्र उरांव उर्फ जयनेंद्र उरांव ने बरडीहा थाना में शिकायत दर्ज कराई कि उनका 3 वर्षीय पुत्र अनुराग उरांव संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने थाना कांड संख्या 10/2026 पर बीएनएस की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने खोजी कुत्ते का भी सहारा लिया, लेकिन बच्चे को बरामद नहीं कर सकी।
25 फरवरी की सुबह घर से लगभग 100 मीटर दूर अरहर के खेत से बच्चे का शव बरामद हुआ। शव जूट के बोरे में बंद मिला। इस खबर से गांव में सनसनी फैल गई और भारी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर मामले का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि ललन उरांव (36 वर्ष) और उसका पुत्र विशाल उरांव (18 वर्ष) इस जघन्य वारदात में शामिल थे।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि परिवार की पूर्व में हुई एक महिला की मृत्यु को लेकर वे अंधविश्वास में थे। दरअसल, इसी वर्ष चार जनवरी को ललन उरांव की पत्नी शोभा देवी की मौत हो गई थी। ललन उरांव को शक था कि अनुराग उरांव की की मां मीरा देवी ने टोना-टोटका कर शोभा देवी की जान ले ली। इसी बदले की भावना में उन्होंने मासूम अनुराग को 23 फरवरी की शाम 4:30 बजे उसे खेलते समय उठाकर मिट्टी वाले घर में ले गए और जहर खिला कर हत्या कर दी। फिर भोर में उसके शव को बोरा में डालकर अरहर के खेत में ले जाकर फेक दिया।
बरामद हुए सबूत :

- जूट का बोरा
- प्लास्टिक का बोरा
- सल्फास लिखा हुआ दो पर्चियां
- एक पुड़िया में भूरा रंग का गंधयुक्त पाउडर
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित छापामारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, गढ़वा श्री नीरज कुमार, पुलिस निरीक्षक मझिआंव अंचल श्री बृज कुमार, थाना प्रभारी बरडीहा ऋषिकेश कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक मृत्युंजय कुमार राय, पुलिस अवर निरीक्षक अनिल कुमार एवं बरडीहा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।









