News UDI | गढ़वा : शहर के होटलों में चल रहे अनैतिक देह व्यापार और सुरक्षा में बड़ी सेंधमारी के खुलासे के बाद अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) संजय कुमार ने गढ़वा के होटल व्यवसाय पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसडीएम ने अनुमंडल के सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे नियमित रूप से होटलों के गेस्ट रजिस्टर का भौतिक सत्यापन और रिकॉर्ड का मिलान करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिली, तो न केवल होटल संचालक, बल्कि संबंधित पुलिस पदाधिकारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
जानें पूरा घटनाक्रम : छापेमारी से जेल और अब नई सख्ती तक
1. सोमवार को ‘ऑपरेशन क्लीन’ का धमाका

6 अप्रैल की सुबह 7 बजे प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के होटल SNC, होटल RDS और होटल तिवारी इन पर बिजली की तेजी से छापेमारी की। इस दौरान 14 युवक और 14 युवतियां (कुल 28) हिरासत में लिए गए, जिनमें तीन नाबालिग भी शामिल थीं। होटलों में बिना किसी वैध पहचान पत्र (ID) के कमरे दिए जा रहे थे।
2. मंगलवार को 6 आरोपी भेजे गए जेल

पुलिस ने जांच के बाद मंगलवार को 6 मुख्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया :
- सोरख पासवान : मैनेजर, होटल SNC ( निवासी:- ग्राम- गुरूर, थाना – भवनाथपुर)।
- मनोज कुमार : मैनेजर, होटल RDS ( निवासी :- संघत मोहल्ला, गढ़वा)।
- अफरीदी आलम : सोनपुरवा, गढ़वा।
- आशुतोष कुमार: सोनभद्र, उत्तर प्रदेश (इनके पास से आपत्तिजनक फोटो बरामद)।
- धर्मेंद्र कुमार : चंद्रपुरा, मझिआंव।
- विकास कुमार : अचला नावाडीह, गढ़वा। साथ ही होटल मालिकों और फर्जी नाम से ठहरे फुजैल रहमान के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
3. बुधवार को नाबालिगों के बयान और पोक्सो की तैयारी
पकड़ी गई तीन नाबालिग लड़कियों का बुधवार को कोर्ट में बयान दर्ज कराया गया। प्रशासन अब नाबालिगों के साथ पकड़े गए लोगों पर POCSO (पोक्सो) एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी में है। तीनों होटल फिलहाल सील हैं और इनके नक्शे एवं मालिकों ( जिनके नाम से होटल के रजिस्ट्रेशन कराए गए हैं) भी खंगाले जा रहे हैं।
SDM के नए ‘कमांडमेंट्स’: अब ये होंगे होटलों के नियम
एसडीएम संजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि होटल व्यवसाय कोई खेल नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भरा कार्य है। अब से सभी संचालकों को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा:
- पुलिस सत्यापन (Police Verification): होटल के हर छोटे-बड़े कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। बिना सत्यापन स्टाफ रखने पर दंड मिलेगा।
- CCTV और फुटेज : होटल के प्रवेश, निकास, रिसेप्शन और कॉरिडोर में कैमरे लगाना अनिवार्य है। कम से कम 30 दिनों का बैकअप रखना होगा।
- गेस्ट रजिस्टर और ID : बिना वैध सरकारी पहचान पत्र के कोई कमरा नहीं मिलेगा। फर्जी एंट्री मिलने पर होटल का लाइसेंस तत्काल रद्द होगा।
- संदिग्ध गतिविधि की सूचना : यदि कोई कम समय के लिए बार-बार कमरा लेता है या बिना सामान के आता-जाता है, तो होटल को तुरंत थाना को सूचित करना होगा।
- थाना टैगिंग : हर होटल/लॉज को संबंधित थाना से टैग कर दिया गया है। पुलिस अधिकारी अब नियमित रूप से औचक निरीक्षण करेंगे।

लापरवाही बरती तो रद्द होगा लाइसेंस
एसडीएम ने सख्त लहजे में कहा कि नियमों के उल्लंघन पर अब कोई रियायत नहीं मिलेगी। कार्रवाई का क्रम इस प्रकार होगा :
- भारी जुर्माना और आधिकारिक चेतावनी।
- लाइसेंस का अस्थायी निलंबन।
- होटल को सील कर लाइसेंस का स्थायी रद्दीकरण।
जनता से अपील
एसडीएम संजय कुमार ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे समाज में फैल रही इस गंदगी को रोकने के लिए प्रशासन का साथ दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि गढ़वा की सामाजिक मर्यादा और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
“होटल व्यवसायी लापरवाही या लालच छोड़ें। अनैतिक गतिविधियों पर अब कठोर दंड तय है। भविष्य में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।” — संजय कुमार, एसडीएम, गढ़वा






