न्यूज यूडीआई, रांची/जमशेदपुर :
झारखण्ड की धरती उस समय गौरव और उत्साह से भर उठी जब देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राज्य दौरे पर पहुंचीं। रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उनके आगमन पर माननीय राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं सुरक्षा एजेंसियों के वरीय अधिकारियों की मौजूदगी रही। एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे।
रांची से राष्ट्रपति का काफिला जमशेदपुर पहुंचा, जहां सोनारी एयरपोर्ट पर भी राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।
मरीन ड्राइव, कदमा में भव्य भूमि पूजन

जमशेदपुर के कदमा स्थित मरीन ड्राइव पर श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण हेतु आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ धार्मिक पुरोहितों द्वारा पूजा-अर्चना कराई गई। राष्ट्रपति ने शिलापट्ट का अनावरण कर केंद्र की आधारशिला रखी।
यह केंद्र लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होगा। इसकी रूपरेखा ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर तैयार की जा रही है। केंद्र का संचालन श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा।
इन गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, सांसद बिद्युत बरन महतो, विधायक सरयू राय, विधायक पूर्णिमा साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे।इसके अतिरिक्त टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टी वी नरेंद्रन, मैनेजिंग ट्रस्टी एस के बेहरा, ट्रस्टी मनोरंजन दास एवं श्रीधर प्रधान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा शहर के प्रबुद्ध नागरिक भी समारोह के साक्षी बने।
“संस्थाएं स्वयं के साथ मानव जीवन को भी तराशती हैं” – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन की शुरुआत “जय जगन्नाथ” के उद्घोष के साथ की। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में कई संस्थाएं अलग-अलग उद्देश्यों के साथ स्थापित होती हैं, लेकिन कुछ संस्थाएं स्वयं के साथ-साथ मानव जीवन को भी तराशने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र सामाजिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समन्वय का जीवंत केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट की सोच एवं उद्देश्य की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह केंद्र एक अभूतपूर्व और भव्य स्वरूप में विकसित होगा तथा जमशेदपुर ही नहीं, पूरे झारखण्ड के लिए आस्था और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
राष्ट्रपति ने की झारखण्ड की सांस्कृतिक परंपरा की सराहना

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने झारखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र समाज में नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता को नई दिशा देगी।राष्ट्रपति का यह दौरा राज्य के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण के रूप में देखा जा रहा है। जमशेदपुर में आयोजित यह भूमि पूजन समारोह आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक समन्वय और विकास की नई नींव के रूप में याद किया जाएगा।








