News UDI | गढ़वा : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के तत्वावधान में जारी 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के तहत शुक्रवार (01 मई) को मजदूर दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), गढ़वा श्री मनोज प्रसाद के निर्देशानुसार सिविल कोर्ट परिसर स्थित सेमिनार हॉल में ‘श्रमिक सम्मान, सशक्तिकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन हुआ।
मंच पर गरिमामयी उपस्थिति
इस विशेष कार्यक्रम में श्रीमती निभा रंजना लकड़ा, अनुमंडल पदाधिकारी श्री संजय कुमार, एल.ए.डी.सी. श्री सुधीर कुमार तिवारी और श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और समाज के निर्माण में श्रमिकों के अद्वितीय योगदान को रेखांकित किया।
“जानकारी के अभाव में न छूटे कोई श्रमिक” – सचिव, DLSA
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने कहा कि सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा की ढेरों योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण समाज का अंतिम व्यक्ति और विशेषकर श्रमिक इन लाभों से वंचित रह जाते हैं।
“असंगठित क्षेत्र के श्रमिक अधिक से अधिक संख्या में श्रम विभाग में अपना निबंधन कराएं। यह निबंधन ही वह ढाल है जो दुर्घटना, बीमारी या किसी भी विकट परिस्थिति में आपको क्षतिपूर्ति और आर्थिक सहायता सुनिश्चित कराएगा।” – सचिव, DLSA
PLVs को दिए गए विशेष निर्देश

90 दिवसीय अभियान की गंभीरता को देखते हुए सचिव ने उपस्थित पारा लीगल वॉलेंटियर (PLVs) को निर्देशित किया कि वे धरातल पर उतरकर प्रवासी और स्थानीय मजदूरों की पहचान करें। उन्होंने जोर दिया कि :
- दुर्घटना के समय इलाज में सहायता।
- मृत्यु की स्थिति में अंत्येष्टि खर्च।
- प्रवासी मजदूरों को उनकी कठिन परिस्थितियों से निजात दिलाने के लिए सहायता प्रदान की जाए।
कानूनी अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी
- अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) श्री संजय कुमार : उन्होंने लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए श्रमिकों को उनके अधिकारों और सरकार से मिलने वाली विभिन्न सहायताओं के बारे में विस्तार से बताया।
- LADC श्री सुधीर कुमार तिवारी : उन्होंने झालसा की ‘श्रमेव वन्दते’ योजना और नालसा की ‘असंगठित क्षेत्रों के कामगारों के लिए विधिक सेवा योजना’ के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि विधिक सेवा अधिनियम के तहत कौन-कौन से व्यक्ति मुफ्त कानूनी सहायता पाने के हकदार हैं।
सम्मान और परिसंपत्ति का वितरण
मजदूर दिवस के इस मौके को यादगार बनाते हुए विभाग द्वारा श्रमिकों के बीच चेक के माध्यम से परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। उपस्थित सभी श्रमिकों को मुख्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया, जिससे उनके चेहरे पर मुस्कान और स्वाभिमान की झलक दिखाई दी।
इनकी रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन पी.एल.वी. श्री मुरली श्याम तिवारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर राजेश कुमार, विकास कुमार, पी.एल.वी. सूर्यदेव चौधरी, राम कुमार, अनुराग, लव, अजित, रविन्द्र सहित बड़ी संख्या में श्रमिक और न्यायालय कर्मी उपस्थित थे।













