News UDI | गढ़वा : “न्याय केवल संपन्न लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी उसका हक मिले, यही हमारी प्राथमिकता है।” ये शब्द प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद ने गुरुवार को गढ़वा में कहे। अवसर था झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JALSA), रांची के निर्देश पर शुरू किए गए 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के भव्य शुभारंभ का।
रैली के साथ हुआ शंखनाद
30 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान का आगाज एक विशाल जागरूकता रैली के साथ किया गया। इस रैली में न्यायालयकर्मी, पारा लीगल वालेंटियर (PLV) और विधिक सेवा से जुड़े प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में तख्तियां और जुबां पर “न्याय सबके लिए” का नारा लिए यह जत्था शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा।
तीन चरणों में 23 जुलाई तक चलेगा अभियान
प्राधिकार की सचिव निभा रंजना लकड़ा ने बताया कि यह व्यापक अभियान 23 जुलाई 2026 तक तीन अलग-अलग चरणों में संचालित होगा। इसका लक्ष्य जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक न्याय की किरण पहुंचाना है।
मुख्य उद्देश्य: सशक्त नागरिक, समृद्ध समाज
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य फोकस आमजनों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने पारा लीगल वालेंटियर्स को विशेष निर्देश दिए कि वे गांवों में जाकर निम्नलिखित विषयों पर जनता को शिक्षित करें:
- निःशुल्क विधिक सहायता : कैसे गरीब और जरूरतमंद लोग बिना किसी खर्च के कानूनी मदद पा सकते हैं।
- अधिकारों का ज्ञान : महिला एवं बाल अधिकार, वृद्धजनों के अधिकार।
- सामाजिक बुराइयां : बाल विवाह निषेध, नशा मुक्ति और घरेलू हिंसा से संरक्षण।
- आधुनिक चुनौतियां : साइबर अपराध से बचाव की जानकारी।
- लोक कल्याणकारी योजनाएं : सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख व्यक्तित्व
इस ऐतिहासिक अभियान के शुभारंभ के अवसर पर जिले के कई दिग्गज विधिक चेहरे मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
- निभा रंजना लकड़ा : सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), गढ़वा
- उमेश दीक्षित : लोक अभियोजक
- प्रविंद कुमार साहु : चीफ, एलएडीसीएस (LADCS)
- अनिता रंजन : डिप्टी चीफ
- सुधीर कुमार तिवारी : विधिक विशेषज्ञ
- उत्तम भारती : विधिक प्रतिनिधि
- मुरली श्याम तिवारी : पारा लीगल वालेंटियर (PLV)
इसके अलावा बड़ी संख्या में मध्यस्थ, न्यायालयकर्मी और स्वयंसेवी उपस्थित थे।
“हमारा संकल्प है कि गढ़वा का कोई भी व्यक्ति कानून की जानकारी के अभाव में न्याय से वंचित न रहे। यह 90 दिन जिले की कानूनी साक्षरता में मील का पत्थर साबित होंगे।” — मनोज प्रसाद, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश













