News UDI | गढ़वा : भारत की 16वीं दशकीय जनगणना को लेकर तैयारियां अब धरातल पर उतरने लगी हैं। उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी, गढ़वा अनन्य मित्तल के निर्देशानुसार अपर समाहर्ता-सह-जिला जनगणना पदाधिकारी राज महेश्वरम ने गुरुवार को समाहरणालय के सभा कक्ष में प्रेस वार्ता कर इस डिजिटल महाअभियान का पूरा रोडमैप साझा किया।
कोविड-19 के कारण 2021 में टली यह जनगणना अब 2027 में संपन्न होगी। यह देश के इतिहास में पहली बार होगा जब पूरी प्रक्रिया डिजिटल ऐप-आधारित होगी।
दो चरणों में होगा कार्य: तिथियों का पूरा विवरण
जिला जनगणना पदाधिकारी ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक तरीके से दो मुख्य चरणों में बांटा गया है:
- प्रथम चरण (मकान सूचीकरण) : 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक। इसमें मकानों की नंबरिंग और उनकी स्थिति का डेटा लिया जाएगा।
- द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) : फरवरी 2027 से इसकी शुरुआत होगी।
- स्व-गणना (Self-Enumeration) : आम नागरिक 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक वेबसाइट
se.census.gov.inपर जाकर खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। 01 मई को जिले के गणमान्य एवं विशिष्ट व्यक्तियों की स्व-गणना का लक्ष्य रखा गया है।
33 सवालों के जरिए दर्ज होगी परिवार की कुंडली
पहले चरण के दौरान प्रगणक हर घर पहुंचकर कुल 33 सवाल पूछेंगे। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- मकान का विवरण : फर्श, दीवार और छत की निर्माण सामग्री तथा मकान का मालिकाना हक।
- परिवार की जानकारी : मुखिया का नाम, लिंग, जाति (SC/ST/अन्य) और कुल सदस्यों की संख्या।
- सुविधाएं : पीने का पानी, बिजली, शौचालय, रसोई, LPG/PNG कनेक्शन और खाना पकाने का ईंधन।
- संपत्ति व गैजेट्स : रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप, मोबाइल, साइकिल, स्कूटर, कार और अनाज की खपत।
- संपर्क : भविष्य के पत्राचार के लिए मोबाइल नंबर।
गढ़वा जिले का प्रशासनिक ढांचा
जिले में जनगणना को सुचारू रूप से चलाने के लिए भारी भरकम टीम तैनात की गई है:
- कुल चार्ज : 23 (20 ग्रामीण, 01 नगर परिषद और 02 नगर पंचायत)।
- मानव बल : 2798 प्रगणक (10% रिजर्व सहित) और 495 सुपरवाइजर।
- कार्यक्षेत्र : कुल 2493 HLB (Household Listing Blocks) में सर्वे होगा। सभी चार्ज पदाधिकारियों (BDO और कार्यपालक पदाधिकारी) व प्रगणकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम युद्धस्तर पर जारी है।
सावधान : डेटा रहेगा गोपनीय, न दें आधार या OTP
श्री महेश्वरम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनगणना में एकत्रित व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा।
“यह डेटा न तो अदालत में सबूत के तौर पर पेश किया जा सकता है और न ही किसी सरकारी योजना के लाभ के लिए। यह केवल सांख्यिकीय आंकड़ों के लिए है।”
अधिकारी ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा कि जनगणना के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक विवरण या OTP की मांग बिल्कुल नहीं की जाएगी। यदि कोई इसकी मांग करता है, तो वह अनधिकृत है।
QR कोड से होगी प्रगणकों की पहचान
सुरक्षा और विश्वसनीयता के लिए हर जनगणना कर्मी के पास QR कोड युक्त पहचान पत्र होगा। नागरिक QR कोड स्कैन कर कर्मी की वास्तविकता की जांच कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों और मीडिया से अपील की है कि इस राष्ट्रव्यापी अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करें।













