News UDI | गढ़वा : झारखंड सरकार ने राज्य में खनिज संपदा की लूट और अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए अपनी कमर कस ली है। राज्य सरकार ने ‘झारखंड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) संशोधन 2026’ की अधिसूचना आधिकारिक तौर पर लागू कर दी है। इस नए कानून के आते ही अब अवैध खनन, ढुलाई और भंडारण करने वालों की खैर नहीं होगी।
कठोर दंड का प्रावधान: जेब पर भारी पड़ेगा अवैध कारोबार
गढ़वा के जिला खनन पदाधिकारी (DMO) राजेंद्र उरांव ने बताया कि नए संशोधन के तहत अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले वाहनों और मशीनों पर भारी-भरकम जुर्माने की दरें तय की गई हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य खनिजों की चोरी रोकना और राजस्व में वृद्धि करना है।
नई जुर्माना दरें एक नजर में :
| वाहन/मशीन का प्रकार | जुर्माने की राशि (₹) |
| ट्रैक्टर ट्रॉली | 50,000 रुपये |
| मेटाडोर / हाफ ट्रक (407/408) | 1,00,000 रुपये |
| फुल बॉडी ट्रक (6 चक्का) | 2,00,000 रुपये |
| डम्पर (6 चक्का, 10 चक्का या अधिक) | 3,00,000 रुपये |
| क्रेन, पोकलेन, एक्सकेवेटर, लोडर | 5,00,000 रुपये |
| पावर हैमर, कम्प्रेसर या ड्रिलिंग मशीन | 5,00,000 रुपये |
बिना ‘वैध चालान’ के वाहन जब्त, बढ़ेंगी मुश्किलें
अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब खनिज के परिवहन के लिए वैध ई-चालान अनिवार्य है। यदि कोई भी वाहन बिना चालान या निर्धारित मात्रा से अधिक खनिज ले जाते पकड़ा गया, तो उसे न केवल जब्त किया जाएगा, बल्कि ऊपर दी गई नई दरों के अनुसार तत्काल जुर्माना भी वसूला जाएगा।
क्यों पड़ी संशोधन की जरूरत?
जिला खनन पदाधिकारी के अनुसार, पुराने नियमों में जुर्माने की राशि कम होने के कारण माफियाओं के हौसले बुलंद थे। लेकिन 2026 के इस नए संशोधन से:
- अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगेगी।
- परिवहन और भंडारण की प्रक्रिया पारदर्शी होगी।
- सरकार के राजस्व में भारी बढ़ोतरी होगी।
- खनन माफियाओं के बीच कानून का भय पैदा होगा।
“प्रशासन अब पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिले के सभी चेक पोस्ट और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। अवैध खनन की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जाएगी और नए प्रावधानों के तहत सख्त दंड दिया जाएगा।” > — राजेंद्र उरांव, जिला खनन पदाधिकारी, गढ़वा
निष्कर्ष : झारखंड सरकार की यह अधिसूचना उन लोगों के लिए कड़ी चेतावनी है जो खनिज संपदा का अवैध दोहन कर रहे हैं। अब देखना यह है कि ये सख्त नियम धरातल पर अवैध खनन के सिंडिकेट को कितना तोड़ पाते हैं।













