News UDI | गढ़वा : देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों की याद में बुधवार को गढ़वा स्थित 172 बटालियन, सी०आर०पी०एफ० के मुख्यालय परिसर में “पुलिस स्मृति दिवस” का भावपूर्ण एवं गरिमामय आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर बटालियन के अधिकारियों और जवानों ने देश के शूरवीरों के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हुए उनके प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम की शुरुआत बटालियन मुख्यालय परिसर स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि सभा के साथ हुई। इस अवसर पर 172 बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी श्री शैलेन्द्र कुमार वशिष्ठ ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर और माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। स्मारक पर माल्यार्पण के बाद जवानों ने शहादत को नमन करते हुए शोक शस्त्र और सलामी दी।
जवानों को संबोधित करते हुए द्वितीय कमान अधिकारी श्री शैलेन्द्र कुमार वशिष्ठ ने कहा कि हमारे शहीदों का त्याग और राष्ट्रप्रेम ही सीआरपीएफ की असली ताकत है। उन्होंने उपस्थित जवानों को वीरों की शहादत से प्रेरणा लेने और हर परिस्थिति में राष्ट्र सेवा के लिए तत्पर रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि देश की अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए समर्पित रहना ही इन अमर बलिदानियों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
शहीद परिवारों का जाना हाल, जताया आभार
स्मृति दिवस के इस आयोजन में केवल औपचारिक श्रद्धांजलि ही नहीं दी गई, बल्कि वाहिनी के अधिकारियों ने शहीद परिवारों के साथ आत्मीय संबंध भी प्रगाढ़ किए। इस अवसर पर क्षेत्र में निवास करने वाले सी०आर०पी०एफ० के अमर शहीद कार्मिकों के परिजनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। वाहिनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका कुशल-क्षेम जाना, उनकी समस्याओं को समझा और उनके प्रति गहरा सम्मान व श्रद्धा भाव प्रकट किया। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि पूरा सी०आर०पी०एफ० परिवार हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ा है और देश उनके जवानों के इस अतुलनीय योगदान का सदैव ऋणी रहेगा।
हॉट स्प्रिंग्स की उस ऐतिहासिक गाथा से जुड़ी है पहचान

पुलिस स्मृति दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों ने बताया कि इस दिन का इतिहास वर्ष 1959 से जुड़ा हुआ है। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के भीषण और विषम बर्फीले इलाके ‘हॉट स्प्रिंग’ में गश्त कर रहे सी०आर०पी०एफ० के एक छोटे से दल पर चीनी सैनिकों ने धोखे से भारी हमला कर दिया था। उस असमान लड़ाई में भी मातृभूमि की रक्षा करते हुए सीआरपीएफ के 10 जांबाज जवानों ने पराक्रम की पराकाष्ठा पार की और अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।
उन्हीं 10 अमर शहीदों की अदम्य शहादत और वीरता की स्मृति में हर साल 21 अक्टूबर को पूरे भारतवर्ष में सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस बलों द्वारा “पुलिस स्मृति दिवस” के रूप में मनाया जाता है।
गढ़वा में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में 172 बटालियन सी०आर०पी०एफ० के कई अधिकारी, जवान तथा स्थानीय ग्रामीण एवं गणमान्य लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पूरे परिसर में राष्ट्रभक्ति की गूंज और शहीदों के प्रति सम्मान का माहौल बना रहा।














