News UDI | गढ़वा : गढ़वा जिले में अवैध खनन और बालू चोरों के खिलाफ जिला प्रशासन का बुलडोजरनुमा एक्शन लगातार चौथे दिन भी जारी है। शनिवार को प्रशासन ने एक ऐसी सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसे देखकर बालू माफियाओं की रातों की नींद उड़ गई है। धुरकी थाना क्षेत्र के अम्बाखोरेया पंचायत में कनहर नदी के पास प्रशासन ने छापेमारी कर लगभग 500 डंपर अवैध बालू को जब्त किया है, जो सीधे तौर पर वन भूमि पर अवैध रूप से डंप किया गया था।
यह कार्रवाई अनुमंडल पदाधिकारी (श्री बंशीधर नगर) श्री प्रभाकर मिर्धा और जिला खनन पदाधिकारी श्री राजेंद्र उरांव के संयुक्त नेतृत्व में, धुरकी थाना पुलिस के भारी सुरक्षा घेरे के बीच की गई।
वन भूमि पर चल रहा था अवैध साम्राज्य
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कुशमाहा घाट के समीप सरकारी वन भूमि का इस्तेमाल बालू के अवैध डंपिंग जोन के रूप में किया जा रहा था। कनहर नदी के सीने को छलनी कर निकाले गए इस बालू का उपयोग बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार और मुनाफाखोरी के लिए किया जाना था। 500 डंपर बालू की यह विशाल खेप इस बात का पुख्ता सबूत है कि इलाके में किस कदर कानून को ठेंगा दिखाकर अवैध उत्खनन का खेल चल रहा था।
माफियाओं की अब खैर नहीं, होगी FIR
प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से बालू तस्करों और उनके संरक्षकों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन अब इस अवैध साम्राज्य के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब करने में जुट गया है। वन भूमि पर कब्जा कर अवैध भंडारण करने वाले मुख्य सरगना की पहचान की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पहचान पूरी होते ही संबंधित दोषियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
प्रशासन की दो टूक : जारी रहेगा एक्शन
जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह अभियान आगे भी और अधिक आक्रामक तरीके से जारी रहेगा तथा दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।














