News UDI | गढ़वा : गढ़वा के समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को आयोजित जनसुनवाई में आमजनों की समस्याओं की झड़ी लग गई। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने जिले भर से पहुंचे फरियादियों की शिकायतों को एक-एक कर बेहद गंभीरता से सुना और उनके त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए। जनसुनवाई के दौरान राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अतिक्रमण, प्रधानमंत्री आवास, मुआवजा और बकाया मजदूरी से जुड़े करीब 35 मामले सामने आए।
आवास की आस में ओबरा के सुनील विश्वकर्मा

गढ़वा सदर प्रखंड के ओबरा पंचायत निवासी सुनील विश्वकर्मा ने उपायुक्त के समक्ष गुहार लगाते हुए बताया कि वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ एक खपरैल के कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में टपकती छत और जर्जर दीवारों के बीच जीवन काटना बेहद जोखिम भरा होता है। उन्होंने पात्रता के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत एक पक्के मकान की मांग की, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को जांच कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया।
आंगनबाड़ी सेविका चयन में धांधली का आरोप

मेराल प्रखंड के चामा निवासी बबलू विश्वकर्मा ने आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-12 (उत्तर हरिजन टोला) में सेविका चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई कि 14 अक्टूबर 2026 को आयोजित ग्राम सभा की सूचना ग्रामीणों को समय पर नहीं दी गई और बिना आम सहमति के नियमों को ताक पर रखकर चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इससे कई योग्य उम्मीदवार वंचित रह गए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत
केतार प्रखंड के बतोकला निवासी ललन प्रसाद गुप्ता ने अंचल कार्यालय केतार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि अनिता कुमारी (जन्म तिथि: 15 फरवरी 1990) के जन्म प्रमाण पत्र के लिए जनवरी 2026 में ही आवेदन किया गया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया गया। आरोप है कि संबंधित कर्मचारी प्रमाण पत्र बनाने के एवज में अवैध राशि की मांग कर रहा है। उपायुक्त ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
दो बेटों की हत्या के बाद सरकारी मदद को भटक रहे बेबस पिता

जनसुनवाई में सबसे दर्दनाक मामला रंका प्रखंड के कंचनपुर से आया। पीड़ित कृष्णा राम ने रोते हुए अपना आवेदन सौंपा। उन्होंने बताया कि उनके एक बेटे की हत्या 2023 में और दूसरे बेटे की हत्या 2026 में कर दी गई। दो-दो जवान बेटों को खोने के बाद वह पूरी तरह बेसहारा हो चुके हैं और आर्थिक तंगी में जीवन जीने को मजबूर हैं। 29 सितंबर 2026 की जनसुनवाई में भी उन्होंने आवेदन दिया था, जहां आश्वासन तो मिला लेकिन अब तक कोई मदद नहीं पहुंची। इस बार फिर उन्होंने न्याय और सरकारी सहायता की गुहार लगाई है।
अधिकारियों को दूरभाष पर दिए सख्त निर्देश
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने जनसुनवाई के दौरान ही कई विभागीय विभागाध्यक्षों को फोन मिलाकर शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम जनता की समस्याओं को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करें।














