News UDI | गढ़वा : जिले में भीषण गर्मी की आहट और बढ़ते तापमान के बीच पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शनिवार को उप विकास आयुक्त (DDC) पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता शामिल हुए।
बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की एक-एक बूंद की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पेयजल संबंधी किसी भी शिकायत का निवारण अविलंब किया जाए।
7 दिनों के भीतर खराब चापाकालों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश
समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अगले 2 दिनों के भीतर अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मिस्त्री, सभी मुखिया, कनीय अभियंता और अन्य संबंधित कर्मियों के साथ बैठक करें।
उन्होंने RRP (Rapid Repair Plan) के तहत निर्धारित 893 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ऐसे चापाकालों की सूची मांगी जिनके पाइप या रड खराब हैं। वहीं, SR (Source Rejuvenation) के तहत 146 के लक्ष्य हेतु उन विभागीय चापाकालों को चिन्हित करने को कहा गया जो सूख चुके हैं या जिनका बोर धंस गया है। इन सभी की विस्तृत सूची 7 दिनों के अंदर पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, गढ़वा को भेजने का निर्देश दिया गया है।
झार जल पोर्टल : डिजिटल माध्यम से होगा समस्याओं का समाधान
उप विकास आयुक्त श्री मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील की है कि पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए सरकार द्वारा संचालित ‘झार जल पोर्टल’ का अधिक से अधिक उपयोग करें। उन्होंने बताया कि केंद्रीकृत पोर्टल होने के कारण यहाँ से शिकायतों की मॉनिटरिंग सीधे जिला और राज्य स्तर से की जाती है, जिससे समाधान शीघ्र होता है।
शिकायत दर्ज करने के प्रमुख माध्यम:
- टोल फ्री नंबर : 1800-3456-502
- मोबाइल पोर्टल ऐप/वेबसाइट : jharjaljharkhand.gov.in
- व्हाट्सएप नंबर : 9470176001
- ई-मेल : callcenter.jharkhand@gmail.com
जल जीवन मिशन के दुरुपयोग पर होगी कार्रवाई
बैठक के दौरान कुछ प्रखंडों से यह शिकायत प्राप्त हुई कि जल जीवन मिशन के तहत लगाई गई योजनाओं (MVS/SVS) का कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है। उप विकास आयुक्त ने कहा कि जिन लोगों के घर या खेत के पास ये योजनाएं संचालित हैं, वे निजी तौर पर खेत पटाने या अन्य व्यक्तिगत कार्यों में पानी बर्बाद कर रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि:
- ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित कर पहली बार कड़ी चेतावनी दी जाए।
- यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना का लाभ लक्षित सभी घरों तक पहुंचे।
- जल सहियाओं के साथ बैठक कर ग्रामीणों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए ताकि जल का समान वितरण हो सके।
जिले में अब तक की शिकायतों की स्थिति
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जानकारी दी गई कि जिले के 20 प्रखंडों से अब तक कुल 1101 शिकायतें विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हुई हैं। इनमें से 797 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है।
प्राप्त शिकायतों का विवरण :
| श्रेणी | शिकायतों की संख्या |
| चापाकल मरम्मति | 847 |
| लघु जलापूर्ति योजना | 171 |
| पाइपलाइन लीकेज | 14 |
| पानी आपूर्ति संबंधित | 17 |
| जल गुणवत्ता (Quality) | 12 |
| बृहद जलापूर्ति योजना | 10 |
| शौचालय एवं स्वच्छता (SBM-G) | 05 |
| अन्य | 24 |
उप विकास आयुक्त ने शेष 154 लंबित मामलों और 22 प्रक्रियाधीन मामलों को भी त्वरित गति से निपटाने का आदेश दिया।
मुखिया निधि और विधायक/सांसद निधि से मरम्मत
पशुपतिनाथ मिश्रा ने यह भी निर्देशित किया कि 15वें वित्त आयोग, विधायक निधि या सांसद निधि से अधिष्ठापित जो चापाकल वर्तमान में खराब हैं, उन्हें संबंधित ग्राम पंचायत के मुखिया के माध्यम से तत्काल मरम्मत कराकर चालू कराया जाए। प्रखंड स्तर पर टोल फ्री नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी आदेश दिया गया ताकि कोई भी ग्रामीण पेयजल सुविधा से वंचित न रहे।
इस बैठक में कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह सहित पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के सभी कनीय व सहायक अभियंता उपस्थित थे।














