News UDI | गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले में एनएच-39 (गढ़वा-मुड़ीसेमर मार्ग) पर बुधवार की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो घरों के चिराग बुझा दिए। खजुरी गांव के पास एक मवेशियों से लदे पिकअप और बुलेट मोटरसाइकिल के बीच हुई सीधी भिड़ंत में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक अपने परिवार का इकलौता बेटा था, तो दूसरे की अगले ही महीने शादी होने वाली थी।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना बुधवार रात करीब दो बजे की है। रमना थाना क्षेत्र के हरादाग गांव निवासी विशाल कुमार (18 वर्ष) और मेराल थाना क्षेत्र के छवनवां टोला निवासी मनीष कुमार (25 वर्ष) अपने एक रिश्तेदार राहुल कुमार के तिलक समारोह में शामिल होने मेराल आए थे।
देर रात दोनों युवक एक रिश्तेदार को गढ़वा रेलवे स्टेशन छोड़कर वापस अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से मेराल लौट रहे थे। इसी दौरान खजुरी गांव के पास विपरीत दिशा से आ रहे मवेशियों से लदे एक पिकअप वाहन ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक उछलकर सड़क से काफी दूर जा गिरे और मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए। दोनों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
खुशियां मातम में बदलीं: अगले महीने थी मनीष की शादी
इस हादसे ने दो परिवारों को ऐसे जख्म दिए हैं जिनकी भरपाई नामुमकिन है। मृतक मनीष कुमार की शादी अगले महीने 19 मई को होने वाली थी। घर में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं और मंगल गीत गाए जा रहे थे, लेकिन इस हादसे ने पल भर में खुशियों को चीख-पुकार में बदल दिया। वहीं, विशाल कुमार अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। इकलौते बेटे को खोने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया जाम

घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सड़क पर बिखरे शवों और दुर्घटना की भयावहता को देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच-39 को जाम कर दिया, जिससे करीब आधे घंटे तक वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप रहा।
सूचना मिलते ही गढ़वा थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया और सड़क से जाम हटवाया। इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। गुरुवार को पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
रात के सन्नाटे में तेज रफ्तार और मवेशियों की अवैध तस्करी या परिवहन में लगे वाहनों की अनियंत्रित गति अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एनएच-39 पर रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम कसी जाए ताकि भविष्य में किसी और का घर इस तरह न उजड़े।














