कमरे में मिली कीटनाशक की बोतल, मायके वाले पहुंचे; पुलिस बोली- पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
News UDI | गढ़वा : विशुनपुरा थाना क्षेत्र के सारो गांव के पीराटांड़ टोला में शनिवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक बंद कमरे से मां और उसके डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे का शव बरामद हुआ। 25 वर्षीय विवाहिता संगीता देवी का शव फांसी के फंदे से झूलता मिला, वहीं उनका डेढ़ साल का बेटा कार्तिक पाल पलंग पर मृत अवस्था में पड़ा था। इस दोहरी मौत के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
सास गई थी बकरी चराने, लौटी तो अंदर से बंद था दरवाजा

जानकारी के अनुसार, मृतका संगीता देवी अपने पुत्र कार्तिक और सास तिलकुमारी देवी के साथ घर पर रहती थीं। परिवार के अन्य पुरुष सदस्य आजीविका के लिए बाहर रहते हैं। शनिवार को रोज की तरह सास तिलकुमारी देवी बकरियां चराने के लिए घर से बाहर गई थीं।
जब वह वापस लौटीं, तो उन्होंने देखा कि घर का एक कमरा अंदर से बंद है। तिलकुमारी देवी ने काफी देर तक बहू को आवाज लगाई, दरवाजा खटखटाया, लेकिन भीतर से कोई हलचल या प्रतिक्रिया नहीं मिली। अनहोनी की आशंका को देखते हुए उन्होंने तुरंत ग्रामीणों को इसकी सूचना दी।
दरवाजा टूटते ही उड़े होश : फंदे पर मां, बिस्तर पर बेजान बच्चा

ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा। जैसे ही लोग कमरे के भीतर दाखिल हुए, वहां का खौफनाक मंजर देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया।
- संगीता देवी कमरे में फांसी के फंदे से लटक रही थीं।
- डेढ़ वर्षीय कार्तिक पाल का निष्प्राण शरीर पलंग पर पड़ा हुआ था।
घटना की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।
कमरे से मिली कीटनाशक की बोतल, गहराया रहस्य
सूचना मिलते ही विशुनपुरा थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लिया। पुलिस ने जब पूरे कमरे की सघन तलाशी ली, तो वहां से एक कीटनाशक की बोतल बरामद हुई है। इस बरामदगी के बाद मामला और उलझ गया है। आशंका जताई जा रही है कि बच्चे को जहर देने के बाद मां ने फांसी लगाई होगी, या फिर मौत की वजह कुछ और है।
क्या कहती है पुलिस? थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले की हर एंगल (पहलू) से जांच कर रही है। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मायके पक्ष के लोग पहुंचे, परिवार के अधिकांश सदस्य रहते हैं बाहर

मृतका संगीता देवी का मायका खरौंधी थाना क्षेत्र के चिरइयाटांड़ गांव में है। बेटी और नाती की मौत की खबर मिलते ही मायके पक्ष के लोग रोते-बिलखते सारो गांव पहुंच गए हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के मुताबिक, इस परिवार में बीरेंद्र पाल और उनके तीन बेटे—मुकेश पाल (मृतका का पति), उतेश पाल और बिमलेश पाल हैं। रोजी-रोटी के सिलसिले में परिवार के लगभग सभी पुरुष सदस्य घर से बाहर (दूसरे राज्यों/शहरों में) रहते हैं। घटना के वक्त घर में सिर्फ संगीता, उनका बेटा और सास ही मौजूद थीं।
गांव में पसरा सन्नाटा
इस हृदयविदारक और रहस्यमयी घटना के बाद से पीराटांड़ टोला सहित पूरे सारो गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर कोई इस बात से हैरान है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में उजड़ गईं। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मायके व ससुराल पक्ष के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।














