News UDI | गढ़वा : पर्यावरण संरक्षण और जनसुरक्षा को लेकर गढ़वा जिला प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों का पालन करते हुए और मॉनसून के दौरान नदियों के अस्तित्व को बचाने के लिए जिले के तीनों अनुमंडलों—गढ़वा, रंका और श्री बंशीधर नगर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा (Section 163) लागू कर दी गई है।
प्रशासन को लगातार मिल रही अवैध बालू उठाव की शिकायतों और मॉनसून में होने वाले नुकसान को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तीनों अनुमंडलों के सभी नदी तटों और बालू घाटों पर निम्नलिखित नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं:
- खनन और परिवहन पर रोक: किसी भी नदी, नाले या जल स्रोत से बालू का उत्खनन (माइनिंग), उठाव, भंडारण, लोडिंग और ट्रांसपोर्टेशन पूरी तरह से बैन रहेगा।
- वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी: बिना वैध अनुमति के कोई भी व्यक्ति या वाहन चालक नदी तटीय और बालू प्रभावित क्षेत्रों में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
- रात में आवागमन बंद: प्रतिबंधित नदी क्षेत्रों में रात के समय लोगों के सामूहिक रूप से आने-जाने पर रोक रहेगी। हालांकि, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक कार्यों को इससे छूट दी गई है।
नियम तोड़ा तो होगी जेल और गाड़ी ज़ब्त

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, खान एवं खनिज अधिनियम और बीएनएसएस की धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अवैध काम में लगे वाहनों को तुरंत ज़ब्त कर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।
प्रशासन ने सभी थाना प्रभारियों और अंचल अधिकारियों (CO) को संवेदनशील नदी घाटों पर विशेष गश्त और नियमित चेकिंग करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की अपील: जिला प्रशासन ने आम जनता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे पर्यावरण को बचाने में सहयोग करें। अगर कहीं भी अवैध खनन या बालू का परिवहन दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन या प्रशासन को दें।














