News UDI | राँची : झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। राज्य में ‘108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा’ का संचालन सही तरीके से नहीं करने और कर्मचारियों के अधिकारों का लगातार हनन करने के आरोप में ‘Sammaan Foundation’ (सम्मान फाउंडेशन) का एकरारनामा (Agreement) तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए उसकी सेवा समाप्त कर दी गई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अभियान निदेशक द्वारा इस संबंध में पत्रांक-9/RCH-463/2024-1998 (MD) दिनांक 25/5/26 को ऑपरेशन हेड, सम्मान फाउंडेशन को आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया गया है।
श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाने और कुप्रबंधन का आरोप
अभियान निदेशक द्वारा जारी पत्र के अनुसार, सम्मान फाउंडेशन द्वारा एम्बुलेंस सेवा का संचालन सुचारू रूप से नहीं किए जाने के कारण झारखंड की आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा कंपनी पर गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगे हैं:
- श्रम कानूनों का उल्लंघन: कंपनी द्वारा झारखंड सरकार के निर्धारित श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन किया जा रहा था और कर्मियों को तय नियमों के मुताबिक मानदेय (सैलरी) नहीं दिया जा रहा था।
- EPF और ESI की चोरी: संस्था द्वारा वैधानिक कानूनों जैसे ईपीएफ (EPF) और ईएसआईसी (ESIC) को लागू नहीं किया गया था, जिससे कर्मी इस सामाजिक सुरक्षा से वंचित थे।
- सैलरी में देरी और कुप्रबंधन: कुप्रबंधन के चलते एम्बुलेंस कर्मियों को समय पर मासिक मानदेय और अन्य संवैधानिक सुविधाएं नहीं मिल रही थीं, जिससे कर्मियों का मनोबल गिरा और सेवा में कई खामियां सामने आईं।
- बिना इंश्योरेंस सड़क पर दौड़ रही थीं एम्बुलेंस: सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि ‘मोटर व्हीकल एक्ट-1988’ की धारा-146 का उल्लंघन करते हुए 17 अप्रैल 2026 तक किसी भी एम्बुलेंस वाहन का इंश्योरेंस (Insurance) नहीं कराया गया था। बिना बीमे के वाहनों को सड़क पर उतारकर गंभीर दंडनीय अपराध किया जा रहा था।
नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि नए सेवा प्रदाता (Vender) के चयन होने तक सम्मान फाउंडेशन को एम्बुलेंस सेवा को सुचारू रूप से संचालित करना होगा ताकि जनता को दिक्कत न हो। इस पत्र की प्रतिलिपि विभागीय मंत्री के आप्त सचिव, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव और निदेशक प्रमुख को भी सूचनार्थ भेजी गई है।
झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ का बयान

इस बड़ी कार्रवाई के बाद झारखंड के एम्बुलेंस कर्मचारियों में उत्साह और खुशी का माहौल है। झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है।
“कर्मचारियों में खुशी की लहर है क्योंकि लंबे समय से कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों, जिसमें EPF, ESIC, न्यूनतम वेतन सहित अन्य श्रमिक अधिकार शामिल हैं, के लिए आवाज उठाई जा रही थी। परंतु यह कंपनी (सम्मान फाउंडेशन) लगातार कर्मचारियों की जायज मांगों को अनदेखी कर रही थी। सरकार के इस कड़े फैसले से अब कर्मचारियों के बीच एक नई उम्मीद जगी है कि उन्हें उनका वास्तविक श्रमिक अधिकार और सम्मान जरूर मिलेगा।”
— नीरज तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष (झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ)
कर्मचारी संघ का कहना है कि वे लगातार कंपनी के कुप्रबंधन और आर्थिक शोषण के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा रहे थे, और अब जाकर सरकार ने उनके दर्द को समझा है। संघ ने उम्मीद जताई है कि जो भी नई एजेंसी आएगी, वह झारखंड के युवाओं और स्वास्थ्य कर्मियों के अधिकारों का पूरा सम्मान करेगी














