News UDI | गढ़वा : जिले के नवपदस्थ उपायुक्त -सह- जिला दण्डाधिकारी पशुपतिनाथ मिश्रा एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से जिले के सभी वरीय पदाधिकारियों, कार्यालय प्रधानों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचल अधिकारियों (CO) के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल परिचयात्मक बैठक की।
इस बैठक के दौरान उन्होंने न सिर्फ सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया, बल्कि जिले में चल रहे प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त के मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएं

बैठक में उपायुक्त ने जिले के विकास और कानून व्यवस्था को लेकर कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए :
१. सुशासन, पारदर्शिता और समयबद्धता
”आमजन को बेहतर सुशासन उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।” — पशुपतिनाथ मिश्रा, उपायुक्त
- आपसी समन्वय : सभी विभागों को आपस में बेहतर तालमेल और सहयोग के साथ काम करने को कहा गया है।
- समय पर निष्पादन : जनहित से जुड़ी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए पदाधिकारियों को सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- जीरो टॉलरेंस : योजनाओं का क्रियान्वयन गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। भ्रष्टाचार या ढिलाई बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
२. आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति में सुधार
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) के साथ चर्चा करते हुए उपायुक्त ने बाल विकास परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर असंतोष जताया। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र नियमित रूप से खुलने चाहिए और बच्चों व महिलाओं से जुड़ी योजनाओं में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।
३. SIR और जनगणना को प्राथमिकता
बैठक में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (S.I.R.) और जनगणना कार्यक्रम की प्रगति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि ये अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्य हैं, क्योंकि इन्हीं के आंकड़ों पर सरकार भविष्य की नीतियां तय करती है। इसलिए इसे पूरी तरह निष्पक्ष, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा करें।
४. बुनियादी सुविधाएं और वित्तीय अनुशासन
- ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली, पानी (पेयजल), शिक्षा, स्वास्थ्य और आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया।
- सरकारी धन के उपयोग और वित्तीय कार्यों में पूरी पारदर्शिता और सावधानी बरतने की हिदायत दी गई।
५. समय पर दफ्तर आने का अल्टीमेटम (औचक निरीक्षण की चेतावनी)
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्य संस्कृति सुधारने का कड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी और उनके अधीनस्थ कर्मचारी ससमय कार्यालय आएं और जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया जाएगा और अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मियों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
आगामी बकरीद पर्व को लेकर विधि व्यवस्था (Law & Order) पर सख्ती

आगामी बकरीद त्योहार के मद्देनजर उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने जिलेवासियों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही, उन्होंने सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को विधि व्यवस्था (Law & Order) संधारण का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पूर्व से ही सभी आवश्यक तैयारियां और कड़े सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
इस वर्चुअल बैठक में जिले के तमाम वरीय पदाधिकारी, कार्यालय प्रधानों सहित सभी प्रखंडों के बीडीओ और सीओ मुख्य रूप से उपस्थित रहे।














