News UDI | गढ़वा : भारतीय संस्कृति की धुरी मानी जाने वाली गोमाता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने के लिए देशव्यापी अभियान अब गढ़वा की सड़कों से लेकर सरकारी कार्यालयों तक गूंज उठा है। सोमवार को गढ़वा जिले के विभिन्न प्रखंडों से हजारों सनातनी और गोभक्तों के हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र को देश के सर्वोच्च पदों—प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, झारखंड के मुख्यमंत्री और राज्यपाल—को भेजा गया।
एक समय, एक स्वर : तहसील स्तर पर राष्ट्रव्यापी शंखनाद
बता दें कि गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग को लेकर 27 अप्रैल की तिथि ऐतिहासिक रही। पूर्व निर्धारित निर्णय के अनुसार, पूरे भारतवर्ष की सभी तहसीलों से एक ही समय पर सक्षम पदाधिकारियों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार को गुहार लगाई गई। गढ़वा जिला इस अभियान में अग्रणी रहा, जहाँ पिछले एक महीने से गांव-गांव जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा था।
प्रशासन के जरिए दिल्ली और रांची तक पहुंची आवाज
सोमवार को जिला मुख्यालय के साथ-साथ रंका, श्री बंशीधर नगर, मझिआंव, बरडीहा, कांडी और भवनाथपुर जैसे प्रखंडों में गोभक्तों का हुजूम उमड़ा। प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के माध्यम से भेजे गए इस प्रार्थना पत्र में गोवंश की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।
मांग पत्र के मुख्य बिंदु :
- राष्ट्रीय सम्मान : गोमाता को आधिकारिक रूप से ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिया जाए।
- केंद्रीय कानून : गोवंश की तस्करी और वध रोकने के लिए सख्त केंद्रीय कानून का निर्माण हो।
- मंत्रालय की स्थापना : गोपालन और गोवंश संरक्षण के लिए पृथक ‘गोपालन मंत्रालय’ बनाया जाए।
- दुर्दशा पर अंकुश : सड़कों पर भटकते गोवंशों की सुरक्षा और विधिवत सेवा सुनिश्चित की जाए।
“यह अभियान का मात्र प्रथम चरण है। यदि सरकार गोमाता के सम्मान में ठोस कदम नहीं उठाती, तो अगले चरण में जिला स्तर पर व्यापक आंदोलन होगा। यह संघर्ष तब तक थमेगा नहीं, जब तक गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं कर दिया जाता।” — सोनू सिंह, जिला मंत्री, विहिप
अभियान के मुख्य सूत्रधार और उपस्थित गणमान्य

गढ़वा अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार को ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित थे :
- विनोद पाठक (जिला समन्वयक, गायत्री परिवार गढ़वा)
- अनिल पांडेय (पूर्व उपाध्यक्ष, गढ़वा नगर परिषद)
- प्रवीण जायसवाल (श्रीकृष्ण गौशाला)
- विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता : करण चंद्रवंशी, शुभम चौबे, अभिषेक भारद्वाज, नितिश सिंह, जयप्रकाश कुमार, रंजन कुमार आदि।
विभिन्न प्रखंडों में नेतृत्व : विभिन्न क्षेत्रों में इस मुहिम की कमान स्थानीय दिग्गजों ने संभाली :
- रंका : श्याम सुंदर प्रसाद (सचिव, श्रीकृष्ण गौशाला)
- श्री बंशीधर नगर : अजीत चौबे (गायत्री परिवार)
- मझिआंव : नागेंद्र सिंह
- बरडीहा : डॉ. राम नरेश प्रसाद
- कांडी : विजय सोनी
निष्कर्ष : जनभावना का ज्वार
गढ़वा की धरती से उठा यह स्वर केवल एक मांग नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रतीक है। गोभक्तों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब गोवंश की तस्करी और सड़कों पर उनकी पीड़ादायक स्थिति को और बर्दाश्त नहीं करेंगे। अब गेंद केंद्र और राज्य सरकारों के पाले में है।














