News UDI | गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले में पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो भोले-भाले और जरूरतमंद अविवाहित युवकों को अपने जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम ऐंठता था। नगर उंटारी थाना क्षेत्र में शादी के नाम पर एक लाख बीस हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मात्र 8 घंटे के भीतर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के 5 सदस्यों को धर दबोचा है। इस खुलासे ने इलाके में सनसनी फैला दी है कि किस तरह से शातिर लोग इश्क और शादी के नाम पर सुनियोजित ठगी का काला कारोबार चला रहे थे।
ऐसे रची गई थी ठगी की साजिश
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को वादी गोविन्द पटेल (पिता- बालमुकुन्द पटेल, निवासी- ग्राम तिखी, थाना रहली, जिला सागर, मध्य प्रदेश) ने नगर उंटारी थाने में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि शादी कराने के नाम पर एक संगठित गिरोह ने उनसे 1,20,000/- रुपये की ठगी कर ली है।
वादी के मुताबिक, भानु और उसके साथियों ने शादी तय कराने के एवज में एक नाबालिग लड़की का ‘रोशनी’ नाम से फर्जी पहचान पत्र भेजकर उन्हें झांसा दिया था। इसके बाद योजना के तहत 13 अक्टूबर 2026 को वादी पक्ष को उत्तर प्रदेश के दुद्धी बुलाया गया, जहां शादी की बात पक्की करते हुए 1,20,000/- रुपये नकद ले लिए गए। इसमें से भानु और सविता देवी ने 54,000/- रुपये अपने हिस्से के रूप में पहले ही रख लिए, जबकि शेष रकम सोनू कुमार राम को आपस में बांटने के लिए दी गई।
रेलवे स्टेशन पर चकमा देकर भागने की थी प्लैनिंग
पैसे लेने के बाद तय साजिश के तहत लड़की को वादी पक्ष के साथ रवाना किया गया। लड़की वादी पक्ष के साथ नगर उंटारी रेलवे स्टेशन पहुँची, जहां रात करीब 08:15 बजे वह शौच जाने के बहाने चकमा देकर फरार हो गई।
अनुसंधान के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। लड़की के भागने के बाद गिरोह के अन्य सदस्य मोटरसाइकिल से छिपकर लगातार वाहन का पीछा कर रहे होते थे। भीड़भाड़ वाले इलाके या रेलवे स्टेशन पर मौका पाकर लड़की चकमा देकर भागती थी और पीछे से आ रही अपने साथियों की बाइक पर बैठकर फरार हो जाती थी, जिसके तुरंत बाद सभी आरोपी अपने फोन बंद कर लेते थे।
पुलिस की एंटी-क्राइम स्ट्राइक : 8 घंटे में शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में नगर उंटारी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष छापामारी दल का गठन किया। तकनीकी शाखा के सहयोग और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मात्र 8 घंटे के भीतर इस अंतर्राज्यीय गिरोह की परतें उधेड़ दीं और 5 आरोपितों को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से ठगी के बचे हुए नकद रुपये, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।
गिरफ्तार आरोपितों का पूरा विवरण:
- सोनू कुमार राम (उम्र करीब 24 वर्ष, पिता- श्रवण राम), निवासी- नगर उंटारी, थाना- नगर उंटारी, जिला- गढ़वा, झारखंड।
- चन्दा कुमारी (उम्र करीब 30 वर्ष, पिता- नरेश बेदिया), निवासी- बेलवाटिक्का, थाना- डंडई, जिला- गढ़वा, झारखंड।
- उपेन्द्र (उम्र करीब 20 वर्ष, पिता- सुग्रीव), निवासी- डाला चढ़ाई, पिपरहवा टोला, थाना- चोपन, जिला- सोनभद्र, उत्तर प्रदेश।
- राजेश सिंह बेदी (उम्र करीब 27 वर्ष, पिता- रामचंद्र सिंह बेदिया), निवासी- डाला चढ़ाई, पतरही टोला, थाना- चोपन, जिला- सोनभद्र, उत्तर प्रदेश।
- एक विधि विरुद्ध किशोरी।
बरामद सामानों की सूची:
- कुल नकद राशि: 66,000/- रुपये
- मोबाइल फोन: 02
- घटना में प्रयुक्त बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की मोटरसाइकिल : 01
छापामारी दल में शामिल सभी अधिकारियों एवं कर्मियों के नाम:
- अविनाश राज (थाना प्रभारी, नगर उंटारी थाना)
- पु०अ०नि० शशि कांत शुक्ला (नगर उंटारी थाना)
- पु०अ०नि० जितेंद्र कुमार (नगर उंटारी थाना)
- पु०अ०नि० अमित प्रशांत (नगर उंटारी थाना)
- स०अ०नि० उपेंद्र कुमार सिंह (नगर उंटारी थाना)
- आ० 109 कौशल कुमार द्विवेदी (नगर उंटारी थाना)
- चा०आ० 936 सतेंद्र कुमार मेहता (नगर उंटारी थाना)
- सहायक आरक्षी 194 अनिल रजक (नगर उंटारी थाना)
- सहायक आरक्षी 121 आनंद पासवान (नगर उंटारी थाना)
- सहायक आरक्षी 140 रंजीत कुमार पासवान (नगर उंटारी थाना)
पुलिस द्वारा सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस ने बताया है कि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की धरपकड़ के लिए छापामारी लगातार जारी है।



















