News UDI | गढ़वा : जो क्षेत्र कभी उग्रवाद के काले साये में सिसकता था, आज वह विकास की नई इबारत लिखने को बेताब है। गढ़वा जिले का सुदूरवर्ती बूढ़ा पहाड़ अब भयमुक्त होने के बाद बुनियादी सुविधाओं से लैस होने जा रहा है। आगामी 14 मई 2026 को झारखंड सरकार की अपर मुख्य सचिव (गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग) वंदना दादेल (IAS) का संभावित दौरा प्रस्तावित है। इसी के मद्देनजर शनिवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त (DC) अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मिशन मोड में प्रशासन : सड़क से स्वरोजगार तक की खींची गई लकीर
उपायुक्त अनन्य मित्तल ने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों को निर्देश दिया कि बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचना चाहिए। बैठक में योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर नकेल कसते हुए DC ने विभागीय समन्वय और समयबद्ध निष्पादन पर जोर दिया।
प्रमुख निर्णय और निर्देश :
- सड़क और कनेक्टिविटी : सड़क निर्माण में आ रही तकनीकी बाधाओं (विशेषकर छत्तीसगढ़ और पीटीआर क्षेत्र) को दूर करने और तत्काल DPR तैयार कर विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया।
- शिक्षा और स्वास्थ्य का विस्तार : हेसातु में नया उच्च विद्यालय खोलने का प्रस्ताव और कुल्ही पंचायत में हेल्थ सब-सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया, ताकि ग्रामीणों को घर के पास इलाज मिल सके।
- आर्थिक सशक्तिकरण : कुल्ही, हेसातु, सरुअत, बहेरा टोली, बूढ़ा गांव, तुमेर, तुमेरा और खपरी महुआ जैसे गांवों के ग्रामीणों को बकरी पालन, गाय पालन, दूध और अंडा उत्पादन जैसे स्व-रोजगार से जोड़ने के लिए जेएसएलपीएस और पशुपालन विभाग को टास्क सौंपा गया।
- बुनियादी ढांचा : हर घर नल-जल योजना और बिजली आपूर्ति को लेकर कार्यों में तेजी लाने की हिदायत दी गई।
“जिला प्रशासन हर व्यक्ति तक जन कल्याणकारी योजनाएं पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है। उग्रवाद के खात्मे के बाद अब हमारा लक्ष्य इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास करना है।” — अनन्य मित्तल, उपायुक्त, गढ़वा।
शत-प्रतिशत आच्छादन का लक्ष्य

DC ने निर्देश दिया कि क्षेत्र के सभी योग्य लाभुकों को आवास, सर्वजन पेंशन, KCC, वन अधिकार पट्टा, बाल विकास, पोषण और पेयजल जैसी योजनाओं से 100% कवर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मौजूद रहे जिले के ‘दिग्गज’ अधिकारी
बैठक में प्रशासनिक और पुलिस महकमे के तमाम बड़े चेहरे शामिल थे, जो इस क्षेत्र के विकास की रणनीति में साझीदार हैं :
- आशुतोष शेखर (पुलिस अधीक्षक)
- पशुपतिनाथ मिश्रा (उप-विकास आयुक्त)
- जे.बी. अब्राहम (वन प्रमंडल पदाधिकारी)
- धीरज प्रकाश (जिला परिवहन पदाधिकारी)
- डॉ. जॉन एफ केनेडी (सिविल सर्जन)
- शिशिर तिग्गा (जिला योजना पदाधिकारी)
- कैसर रजा (DEO) एवं अनुराग मिंज (DSE)
- कार्यपालक अभियंता : प्रेमलाल सिंह (भवन निर्माण विभाग), धर्मेंद्र कुमार (ग्रामीण कार्य विभाग), अजय कुमार सिंह (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग), महेश्वर प्रसाद (विद्युत विभाग)।
- इसके अलावा जिला पशुपालन, कृषि, सहकारिता पदाधिकारी और भंडरिया BDO सहित JSLPS के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष : यह बैठक केवल कागजी समीक्षा नहीं, बल्कि बूढ़ा पहाड़ के दुर्गम इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने का एक ठोस संकल्प नजर आई। वंदना दादेल के दौरे से पहले जिला प्रशासन ने अपनी मुस्तैदी दिखाकर यह साफ कर दिया है कि अब विकास की राह में कोई बाधा नहीं टिकेगी।














