News UDI | गढ़वा : गढ़वा शहर की गलियों और नुक्कड़ों पर बिकने वाले चाट, पकौड़े और अन्य स्ट्रीट फूड अब न केवल स्वाद में बेहतर होंगे, बल्कि सेहत के लिए भी सुरक्षित बनाए जाएंगे। राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देश पर बुधवार (06 मई) को गढ़वा सदर अस्पताल के सभागार में स्ट्रीट फूड वेंडरों के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रेनिंग और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस बैठक में अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
नियमों की अनदेखी पड़ेगी महंगी : अधिकारियों का सख्त निर्देश
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ केनेडी ने कहा कि आम जनता का स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है। असुरक्षित और मिलावटी खाद्य पदार्थों से गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। वहीं, नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आर. एस. सिंह ने स्पष्ट किया कि जिले में कोई भी स्ट्रीट फूड वेंडर बिना खाद्य पंजीकरण (Registration) के व्यवसाय नहीं कर सकेगा।
वेंडरों के लिए जारी हुए ये 5 ‘गोल्डन रूल्स’

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दीपश्री ने वेंडरों को ट्रेनिंग देते हुए निम्नलिखित अनिवार्य मानकों के बारे में विस्तार से बताया :
- हाइजीन किट अनिवार्य : सभी वेंडरों को काम के दौरान हेडकैप, एप्रॉन और ग्लव्स पहनना अनिवार्य होगा।
- तेल के इस्तेमाल पर रोक : तलने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तेल को 3 बार से अधिक उपयोग न करने की सख्त हिदायत दी गई। बार-बार गर्म किया गया तेल कैंसर जैसी बीमारियों का कारक बनता है।
- पैकिंग पर पाबंदी : अब खाने की चीजों को अखबार या साधारण प्लास्टिक कंटेनर में पैक नहीं किया जा सकेगा। इसकी जगह सिर्फ फूड ग्रेड पैकिंग मटेरियल का ही इस्तेमाल करना होगा।
- केमिकल से दूरी : फलों को पकाने के लिए कार्बाइड के उपयोग और खाने में कृत्रिम रंगों के बेतहाशा इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ स्वीकृत ‘फूड ग्रेड’ रंगों का ही सीमित मात्रा में प्रयोग किया जा सकेगा।
- कच्चे माल की शुद्धता : खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाला पानी और कच्ची सामग्री पूरी तरह शुद्ध होनी चाहिए।
कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में खाद्य सुरक्षा विभाग के विवेक तिवारी, संतोष कुमार के साथ-साथ ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रेनिंग एजेंसी से मदन कुमार और ओमप्रकाश भी शामिल हुए। गढ़वा सदर के दर्जनों स्ट्रीट फूड वेंडरों ने इस ट्रेनिंग में हिस्सा लिया और बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।














