News UDI | गढ़वा : किसानों के हितों की रक्षा और खरीफ सीजन में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शुक्रवार को उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में जॉइंट इनफोर्समेंट टीम (JET) की एक हाई-प्रोफाइल बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई। बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि खाद की कालाबाजारी या कृत्रिम किल्लत पैदा करने वाले बिचौलियों और डीलरों के विरुद्ध जिला प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाएगा।
प्रशासनिक रडार पर जमाखोर : ‘छापेमारी तेज करें’
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे धरातल पर सक्रिय रहें। उन्होंने कहा कि आगामी खरीफ सीजन में उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- विशेष निगरानी : जिन क्षेत्रों में उर्वरक की खपत असामान्य रूप से अधिक दिखेगी, वहां विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
- नियमित छापेमारी : अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर गठित टीमों को नियमित रूप से गोदामों और दुकानों का निरीक्षण करने एवं शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
- औद्योगिक उपयोग पर रोक : उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिया कि रियायती दरों पर मिलने वाले कृषि उर्वरक का इस्तेमाल किसी भी हाल में औद्योगिक कार्यों में नहीं होना चाहिए। ऐसा करने वालों पर कठोर विधि-सम्मत कार्रवाई होगी।
त्रिस्तरीय निगरानी तंत्र : जिला से प्रखंड तक घेराबंदी

उर्वरकों की बंदरबांट रोकने के लिए जिले में एक सशक्त निगरानी ढांचा तैयार किया गया है :
| स्तर | टीम के मुख्य सदस्य |
| जिला स्तर (JET) | पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला सहकारिता पदाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला कृषि पदाधिकारी। |
| अनुमंडल/प्रखंड स्तर | संबंधित क्षेत्र के दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी। |
डिजिटल मॉनिटरिंग : त्वरित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए जॉइंट इनफोर्समेंट टीम (JET) का व्हाट्सएप ग्रुप सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही प्रतिदिन की छापेमारी की रिपोर्ट सीधे राज्य मुख्यालय (कृषि निदेशालय) को भेजी जाएगी।
DAP के विकल्प पर जोर : किसानों को करेंगे जागरूक
सिर्फ निगरानी ही नहीं, बल्कि किसानों को सही जानकारी देने पर भी बैठक में बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि:
- संतुलित उर्वरक प्रयोग : किसानों को केवल DAP पर निर्भर न रहने के लिए प्रेरित किया जाए।
- वैकल्पिक खाद : NPKS एवं SSP जैसे उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
अंतिम चेतावनी : बख्शे नहीं जाएंगे दोषी
उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल ने बैठक के समापन पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि किसानों के हक को मारने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की नजर जिले की हर एक खाद दुकान और स्टॉक रजिस्टर पर है। यदि कोई भी उर्वरकों की कृत्रिम कमी पैदा करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।














