मुख्य बातें:
- स्थान: मुख्यमंत्री कौशल विकास केंद्र, झलुआ, गढ़वा।
- आयोजक: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), गढ़वा।
- थीम: ‘गिव टू गेन’ (दान से लाभ/देकर प्राप्त करें)।
News UDI, गढ़वा : 8 मार्च को पूरे विश्व में महिलाओं के मान-सम्मान, उनके अधिकारों और समाज के निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को रेखांकित करने के लिए ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ मनाया जाता है। रविवार को इसी कड़ी में, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), गढ़वा के तत्वावधान में गढ़वा प्रखंड के झलुआ स्थित मुख्यमंत्री कौशल विकास केंद्र पर एक भव्य महिला दिवस सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद एवं सचिव निभा रंजना लकड़ा के दिशा-निर्देशानुसार आयोजित किया गया।
‘गिव टू गेन’ थीम पर विशेष जोर –
वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की मुख्य थीम ‘गिव टू गेन’ (दान से लाभ/देकर प्राप्त करें) है। कार्यक्रम के दौरान पीएलवी (PLV) की टीम ने विस्तार से बताया कि कैसे आपसी सहयोग और संसाधनों के साझा उपयोग से महिला सशक्तिकरण के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। इस वर्ष का अभियान मुख्य रूप से महिलाओं के लिए अधिकार, न्याय और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
कानूनी अधिकारों और सुरक्षा पर चर्चा –
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएलवी सुधीर कुमार चौबे ने महिलाओं को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने विशेष रूप से कार्यस्थल पर होने वाले शोषण के विरुद्ध कानूनों की जानकारी देते हुए बताया कि कैसे जागरूक रहकर महिलाएं सुरक्षित वातावरण में अपने करियर को नई ऊंचाइयां दे सकती हैं।
वहीं, पीएलवी तृप्ता भानु ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और महिलाओं की कम साक्षरता दर पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को शिक्षित होने और अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए प्रेरित किया, ताकि समाज में व्याप्त असमानता को मिटाया जा सके।
विचारों का आदान-प्रदान-
जागरूकता कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कौशल विकास केंद्र की ट्रेनर प्रतिमा कुमारी, सेंटर मैनेजर रागिनी कुमारी और रूपलता कुमारी ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की यात्रा पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से पीएलवी सुधीर कुमार चौबे, जितेन्द्र कुमार और तृप्ता भानु सहित केंद्र की कई छात्राएं और स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।







