News UDI | गढ़वा : गढ़वा जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और जन कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में न केवल स्वास्थ्य विभाग की नब्ज टटोली गई, बल्कि जिले के युवाओं को रोजगार की सौगात देते हुए 106 चयनित अभ्यर्थियों को ऑफर लेटर (नियुक्ति पत्र) सौंपे गए।
बैठक में मुख्य रूप से स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ केनेडी समेत सभी कार्यक्रम पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
106 अभ्यर्थियों की नियुक्ति : जनसेवा तंत्र को मिलेगी नई ऊर्जा

समीक्षा बैठक शुरू होने से पहले उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल ने जिला स्तर पर विभिन्न पदों के लिए चयनित 106 अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कराई। इनमें से 15 अभ्यर्थियों को उपायुक्त ने अपने हाथों से सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपा।
उपायुक्त का निर्देश : “सभी नवनियुक्त अभ्यर्थी सदर अस्पताल से अपनी ट्रेनिंग की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करें और काम पर लौटें। आपकी इस नियुक्ति से जिला प्रशासन और जनसेवा तंत्र मजबूत होगा, जिससे सरकारी योजनाओं को नई ऊर्जा मिलेगी। सभी पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और सेवा भावना से काम करें।”
स्वास्थ्य व्यवस्था का ‘एक्स-रे’ : इन बड़ी योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले की स्वास्थ्य संरचना, उपलब्ध संसाधनों और राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय कार्यक्रमों की बारीकी से समीक्षा की। मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे :
1. मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में डिलीवरी), शत-प्रतिशत टीकाकरण और पोषण सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जमीनी स्तर पर बेहतर तालमेल बिठाकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम (शून्य) के स्तर पर लाया जाए।
2. टीबी उन्मूलन और डायलिसिस सेवाएं
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत टीबी मरीजों की पहचान और उनके इलाज की मॉनिटरिंग तेज करने को कहा गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (PMNDP) के तहत मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली गई।
3. आयुष्मान भारत और डिजिटल हेल्थ मिशन
- PMJAY और ABDM : आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया गया।
- ई-संजीवनी : ग्रामीण इलाकों के लिए ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया।
4. अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम
बैठक में परिवार नियोजन, राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम (मोतियाबिंद ऑपरेशन व नेत्र जांच), सिकल सेल स्क्रीनिंग, ब्लड बैंक की स्थिति, यूडीआईडी (UDID) और नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन (NUHM) के कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
लापरवाही पर नपेंगे कर्मी : उपायुक्त का कड़ा अल्टीमेटम

बैठक के अंत में उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल ने कड़े लहजे में अधिकारियों को चेतावनी देते हुए तीन प्रमुख निर्देश दिए :
- अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति : जिले के सभी सीएचसी (CHC) और पीएचसी (PHC) में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अनिवार्य रूप से ड्यूटी पर तैनात रहें। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- लगातार फील्ड विजिट : अधिकारी सिर्फ दफ्तर में न बैठें, बल्कि लगातार फील्ड विजिट करें और जमीनी हकीकत का निरीक्षण करें।
- कड़ी कार्रवाई की चेतावनी : निरीक्षण के दौरान यदि कहीं भी काम में लापरवाही, अनुपस्थिति या अनियमितता पाई गई, तो संबंधित स्वास्थ्यकर्मी या अधिकारी के खिलाफ नियमों के तहत तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अंतिम संदेश : “सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी टीम भावना के साथ तय समय सीमा के भीतर लक्ष्यों को हासिल करें।”














