News UDI | गढ़वा : गढ़वा जिले के कांडी थाना क्षेत्र अंतर्गत जयनगरा गांव के पास मझिआंव-सुंडीपुर मुख्य सड़क पर ग्रामीणों की तत्परता से मवेशी तस्करी के एक बड़े खेल का भंडाफोड़ हुआ है। ग्रामीणों ने क्रूरता पूर्वक एक पिकअप वैन पर लादे गए 17 मवेशियों को मुक्त कराया है। यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया, जब तस्करों की तेज रफ्तार पिकअप वैन ने सड़क किनारे खड़ी एक ट्रैक्टर की ट्राली में जोरदार टक्कर मार दी।
नींद में था ड्राइवर, टक्कर के बाद मैकेनिक लाने के बहाने हुआ फरार
घटना के संबंध में बताया जाता है कि पिकअप वैन (वाहन संख्या: BR 01-GK- 8579) जयनगरा गांव निवासी शंकर प्रसाद मेहता के सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर की ट्राली से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आवाज सुनकर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और उन्होंने पिकअप वैन को घेर लिया।
पूछताछ में पता चला कि पिकअप का ड्राइवर सुरेंद्र सिंह नींद में था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना के तुरंत बाद शातिर ड्राइवर सुरेंद्र सिंह गाड़ी से उतरा और खलासी से यह कहकर वहां से खिसक गया कि वह गाड़ी ठीक कराने के लिए मैकेनिक को लेकर आ रहा है, लेकिन वह वापस नहीं लौटा।
मुंह और पैर बांधकर लादे गए थे 17 मवेशी, भड़के ग्रामीण

जब ग्रामीणों ने पिकअप वैन की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए। वाहन के भीतर बेहद क्रूरता के साथ 17 मवेशियों को ठंसा गया था। सभी मवेशियों के मुंह, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों को एक-दूसरे के साथ बेरहमी से बांधा गया था। तस्करों की इस हैवानियत को देख ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए गाड़ी में सवार खलासी को धर दबोचा और कांडी थाना प्रभारी को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही कांडी थाना पुलिस फौरन जयनगरा गांव पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों ने सभी मवेशियों के बंधन खोले और उन्हें सुरक्षित गाड़ी से नीचे उतारा।
खलासी ने उगले राज : बिहार के रोहतास जा रही थी खेप, बड़े सिंडिकेट का खुलासा
ग्रामीणों द्वारा पुलिस के हवाले किए गए खलासी की पहचान नगर उंटारी थाना क्षेत्र के कोलझिंकी गांव निवासी लाल मोहम्मद अंसारी के रूप में हुई है। पुलिसिया पूछताछ में खलासी लाल मोहम्मद अंसारी ने मवेशी तस्करी के इस बड़े नेटवर्क का कच्चा चिट्ठा खोल दिया। उसने बताया कि:
- यह सभी मवेशी फिराज खां द्वारा नगर उंटारी के पास से लोड किए गए थे।
- इन मवेशियों को भवनाथपुर, हरिहरपुर एवं कांडी थाना क्षेत्र के रास्ते होते हुए बिहार के रोहतास जिला अंतर्गत बारुण ले जाया जा रहा था।
- उसने यह भी कबूला कि इस रूट से मवेशियों से लदी पिकअप गाड़ियां निरंतर पार होती हैं और वह खुद पिछले कुछ ही दिनों से इस वाहन पर काम कर रहा है।
पीछे चल रही थी तस्करों की ‘बैकअप टीम’ पकड़े गए खलासी ने खुलासा किया कि पिकअप वैन के पीछे-पीछे एक अन्य वाहन में मुख्य तस्कर और व्यापारी भी चल रहे थे। उसने इस सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों के नामों का भी खुलासा किया है, जिनमें शामिल हैं:
- जावेद कुरैशी (निवासी: पिपराखांड़, जिला- औरंगाबाद, बिहार)
- हफिजुल अंसारी (निवासी: कोईंदी-कोलझिंकी)
- शमशेर अंसारी (निवासी: कोईंदी-कोलझिंकी)
- मुस्कान अंसारी (निवासी: पतिहारी, थाना- बिशुनपुरा)
- नवी अंसारी (निवासी: बंजारी, थाना- बरडीहा)
ग्रामीणों के बीच बांटे गए मवेशी, थाना कांड संख्या 49/2026 दर्ज

इस मामले को लेकर खरौंधा पंचायत के उप मुखिया रवि रंजन मेहता ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि मवेशी तस्कर 17 मवेशियों को बेहद क्रूरता पूर्वक पिकअप में लाद कर ले जा रहे थे और इसी दौरान उन्होंने खड़ी ट्रैक्टर में टक्कर मारी। उन्होंने बताया कि बरामद किए गए सभी 17 मवेशियों को ग्रामीणों के बीच सुरक्षित वितरण कर दिया गया है।
कांडी थाना पुलिस ने बरामद सभी मवेशियों को कागजी प्रक्रिया के तहत खरौंधा पंचायत के मुखिया परीखा राम को सुपुर्द कर दिया था।
क्या कहते हैं थाना प्रभारी:
इस संबंध में जानकारी देते हुए कांडी थाना प्रभारी मोहम्मद अशफाक आलम ने बताया कि सभी मवेशियों की जिम्मेदारी मुखिया एवं उप मुखिया को सौंप दी गई है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन को जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में कांडी थाना कांड संख्या 49/2026 के तहत सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार खलासी लाल मोहम्मद अंसारी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है, वहीं फरार ड्राइवर और सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।














