News UDI : झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित एक भव्य समारोह में नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों और आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कक्षा 01 से 05 तक के लिए 160 और कक्षा 06 से 08 तक के लिए 156 सहायक आचार्यों के साथ-साथ 17 आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं के बीच नियुक्ति पत्रों का वितरण किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने की एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मियों से पूरी निष्ठा के साथ सरकार के प्रतिनिधि के रूप में गाँव-गाँव और घर-घर जाकर कार्य करने का आह्वान किया।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)

- नियुक्ति पत्र वितरण : प्राथमिक स्तर (कक्षा 1-5) के लिए 160 और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6-8) के लिए 156 शिक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र।
- महिला सशक्तिकरण : 17 आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं को भी सौंपी गई जिम्मेदारी; ‘मंईयाँ सम्मान योजना’ से 60 लाख महिलाओं को मिल रहा लाभ।
- रोजगार के आंकड़े : शिक्षा विभाग में पिछले चार महीनों में 9,000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को मिला रोजगार।
- सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस : सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी सुधार के लिए सरकार प्रतिबद्ध।
“दुर्गम क्षेत्रों में जाने से न कतराएं शिक्षक”
मुख्यमंत्री ने सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने को लेकर शिक्षकों को विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा :
”कभी-कभी कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं, लेकिन ऐसी सोच के साथ राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है। बच्चे आपके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह हैं, उन्हें तराशने और दुर्गम क्षेत्रों की चुनौतियों को दूर करने की जिम्मेदारी अब आपके कंधों पर है।”
उन्होंने कुपोषण जैसी समस्याओं से राज्य को मुक्त कराने के लिए युवा कर्मियों से ऊर्जा और संकल्प के साथ काम करने की अपील की।
पेपर लीक के दौर में पारदर्शी नियुक्तियाँ

देश के अन्य हिस्सों में हो रही पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध और निजी क्षेत्रों को मिलाकर अब तक दो लाख से अधिक नियुक्तियां की जा चुकी हैं और मानव संसाधन को सशक्त करने का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेग
‘मंईयाँ सम्मान योजना’ से बेटियां बन रही हैं कलेक्टर
आधी आबादी की प्रगति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘झारखंड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना’ के तहत लगभग 60 लाख महिलाओं को हर महीने वित्तीय सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना का लाभ लेकर आज बेटियां कलेक्टर जैसे उच्च पदों तक पहुंच रही हैं।
समारोह में मौजूद रहे ये मुख्य अतिथि
इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, और प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्री मनोज कुमार रंजन सहित बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी और उनके परिजन उपस्थित थे।














