News UDI | गढ़वा : ईद-उल-जोहा (बकरीद) पर्व को जिले में पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए गढ़वा जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए गए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा सहित जिले के तमाम आला अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और एसडीपीओ (SDPO) मौजूद रहे।
सोशल मीडिया की होगी विशेष मॉनिटरिंग, अफवाह फैलाने वालों पर होगी जेल
उपायुक्त ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को एक विशेष मॉनिटरिंग टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है।
- यह टीम पुलिस कंट्रोल रूम के साथ मिलकर काम करेगी।
- व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर), और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर २४ घंटे पैनी नजर रखी जाएगी।
- आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पशु तस्करी पर कड़ा एक्शन : संयुक्त टीम करेगी जांच
अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए उपायुक्त ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। पशु तस्करी को रोकने के लिए सभी अंचल अधिकारियों (CO), प्रखंड पशुपालन पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों की एक संयुक्त टीम बनाई गई है। यह टीम लगातार जांच और निगरानी अभियान चलाएगी और किसी भी अनियमितता पर तुरंत एक्शन लेगी।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं तैयार

त्योहार के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सिविल सर्जन को विशेष निर्देश दिए गए हैं :
- सभी प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाइयां और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
- आपातकालीन स्थिति के लिए एंबुलेंस की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
शांति समिति की बैठकें और ग्राउंड लेवल मॉनिटरिंग
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति बनाई है :
- शांति समिति की बैठकें : अनुमंडल, प्रखंड, पंचायत और ग्राम स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित कर संभावित विवादों को समय रहते सुलझाया जाएगा।
- स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग : मुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों और स्वयंसेवी संगठनों (NGOs) के सहयोग से सामाजिक सौहार्द मजबूत किया जाएगा।
- असामाजिक तत्वों पर नजर : थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उन पर कड़ी निगरानी रखें और लगातार पुलिस पेट्रोलिंग करें।
“प्रशासन पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है”
विगत वर्षों में राज्य के कुछ हिस्सों में हुई अप्रिय घटनाओं से सीख लेते हुए इस बार गढ़वा प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आम नागरिक भी अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
— अनन्य मित्तल, उपायुक्त, गढ़वा
“संवेदनशील क्षेत्रों में रहेगी विशेष निगरानी”
सभी पुलिस पदाधिकारियों और थाना प्रभारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय से ही शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
— आशुतोष शेखर, पुलिस अधीक्षक, गढ़वा














