General Crime Jharkhand Garhwa Ranchi Palamu Sports National International Tech Entertainment

झारखंड में सरकारी नौकरियों का अकाल: 1.64 लाख पद खाली, क्या ‘कंगाल’ हो गई है सरकार?

On: March 9, 2026 11:21 PM
Follow Us:
--Advertisement Here--

News UDI ,रांची : झारखंड के सरकारी महकमों में नौकरियों की हकीकत डराने वाली है। राज्य में युवाओं के भविष्य पर ‘वेकेंसी’ का ग्रहण लगा हुआ है। विधानसभा में सोमवार को जो आंकड़े सामने आए, उसने सरकार के दावों की पोल खोलकर रख दी है। राज्य में 3,51,968 स्वीकृत पद हैं, लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि इनमें से 1,64,358 पद खाली पड़े हैं। यानी करीब आधा सरकारी ढांचा खाली कुर्सियों के भरोसे चल रहा है।

आंकड़ों का आइना: किस विभाग में कितनी ‘खाली’ कुर्सियां?

सदन में पेश आंकड़ों के अनुसार, सबसे बुरा हाल शिक्षा और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों का है। नीचे दी गई तालिका राज्य की बदहाल व्यवस्था को दर्शाती है:

विभागस्वीकृत पदकार्यरत कर्मीरिक्त पद
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता1,10,15958,01752,142
गृह विभाग (पुलिस आदि)1,04,44973,37531,074
कृषि एवं पशुपालन13,4513,22810,223
कल्याण विभाग4,9001,8233,077
पेयजल एवं स्वच्छता3,0591,6921,367

“40 साल लग जाएंगे नियुक्तियां भरने में!”

भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने सदन में सरकार को घेरते हुए कड़े सवाल दागे। उन्होंने गणित समझाते हुए कहा कि अगर सरकार 6 साल में महज 8% रिक्तियां ही भर पाई है, तो इस रफ्तार से राज्य के सभी खाली पदों को भरने में 40 साल लग जाएंगे। तिवारी ने तंज कसते हुए पूछा— “क्या सरकार दिवालिया हो गई है, जो नियुक्तियां नहीं करना चाहती?”

सत्ता पक्ष का बचाव: “विरासत में मिली है ये रिक्ति”

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर (image source-JVSTV)

संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सरकार का बचाव करते हुए सारा ठीकरा पिछली सरकारों और सिस्टम पर फोड़ दिया। उनके मुख्य तर्क थे:

  • यह रिक्ति पिछले 20-25 वर्षों से चली आ रही है।
  • सरकार ने अब तक 30 हजार पदों पर बहाली की है।
  • आउटसोर्सिंग की जिस व्यवस्था को भाजपा ने शुरू किया था, वर्तमान सरकार उसे धीरे-धीरे खत्म कर रही है।
  • सरकार अपने आर्थिक संसाधनों के हिसाब से नियुक्तियां कर रही है।

तीखे सवाल: क्या बजट नहीं तो नौकरी नहीं?

जब मंत्री ने ‘आर्थिक संसाधन’ का रोना रोया, तो भाजपा विधायक सीपी सिंह ने सीधे पूछा— “क्या संसाधन नहीं होने पर सरकार नियुक्तियां ही नहीं करेगी?” बड़ा सवाल: एक तरफ राज्य का युवा बेरोजगारी के आलम में सड़कों पर है, वहीं दूसरी तरफ विभाग खाली पड़े हैं। अगर 1.64 लाख पदों को भरने के लिए सरकार के पास ‘संसाधन’ नहीं हैं, तो विकास के दावों में कितना दम है?

विधानसभा अध्यक्ष श्री रविंद्र नाथ महतो (image source – JVSTV)

Join WhatsApp

Join Now

YouTube

Subscribe

Join Instagram

Join Now

Also Read

news udi

गढ़वा के उंचरी में गोकशी पर वज्रपात : SDM-SDPO की अगुवाई में अवैध बूचड़खाना जमींदोज, पशुओं के कान के ‘टैग’ खोलेंगे राज

News UDI

वादे के पक्के निकले DDC पशुपतिनाथ मिश्र : व्यस्तता के बाद भी मत्था टेकने पहुंचे चेचरिया संकटमोचन मंदिर, ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत

News UDI

गढ़वा : नगर ऊंटारी उप-कारा के संचालन की तैयारियाँ तेज, सहायक महानिरीक्षक ने टीम के साथ किया औचक निरीक्षण

News UDI

गढ़वा : पशु तस्करी पर प्रशासन सख्त, एसडीएम ने छापेमारी और सख्त निगरानी के दिए निर्देश

News udi

गढ़वा : शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर मण्डल डैम परियोजना पर DC सख्त, बोले – ‘अगली बैठक तक 100% मुआवजा भुगतान करें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं’

news udi

गढ़वा : अनाथ बच्चों की सुध लेने आगे आया DLSA; 14 बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ने की पहल