News UDI | Garhwa : जनता की समस्याओं के समाधान और सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए शुक्रवार को गढ़वा समाहरणालय का सभागार उम्मीदों का केंद्र बना। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश कुमार यादव ने जनसुनवाई के दौरान न केवल फरियादियों के दर्द को सुना, बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और दबंगों को कड़ा संदेश भी दिया।
राशन, पेंशन से लेकर जमीन विवाद और भ्रष्टाचार तक के मामलों पर उपायुक्त ने ‘ऑन द स्पॉट’ एक्शन के निर्देश दिए।
केस 1: राजस्व कर्मचारी पर पैसे मांगने का आरोप, DC ने दिए जांच के आदेश
भंडरिया के सत्येंद्र गोस्वामी ने जब अपनी आपबीती सुनाई तो सभागार में सन्नाटा पसर गया। सत्येंद्र ने आरोप लगाया कि अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी म्यूटेशन के बदले पैसे की मांग कर रहे हैं, जबकि जमीन उनके पिता ने कानूनी रूप से उनके नाम की थी। उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और म्यूटेशन की बाधाएं दूर करने का निर्देश दिया।
केस 2: बेघर तलाकशुदा महिला की गुहार– “साहब, मेरा घर वापस दिलाओ”
भंडरिया की ही आशा कुमारी तिग्गा की कहानी भावुक कर देने वाली थी। एक तलाकशुदा महिला, जिसे उसके पूर्व पति और बच्चों ने ही घर से बेदखल कर दिया। दबंगई ऐसी कि घर का ताला तोड़कर दूसरा ताला जड़ दिया गया। आशा ने जान का खतरा बताते हुए न्याय मांगा, जिस पर DC ने तुरंत हस्तक्षेप कर जांच के आदेश दिए।
केस 3: नौकरी के नाम पर ‘ठगी’, 1.96 लाख डकार गए मैनेजर!
चिनियाँ प्रखंड की सकल देवी ने सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने बताया कि CLF मैनेजर की बहाली के नाम पर उनसे 1 लाख 96 हजार रुपये ठग लिए गए। जब उन्होंने और पैसे देने से मना किया, तो उनकी जगह किसी और की नियुक्ति कर दी गई। उपायुक्त ने इस ‘नौकरी घोटाले’ की जांच कर राशि वापस दिलाने का भरोसा दिया है।
केस 4: दबंगई की इंतिहा! PM आवास का पिलर तोड़ा, महिलाओं से बदसलूकी
मेराल की शीला देवी ने रोंगटे खड़े कर देने वाली शिकायत की। उन्होंने बताया कि दबंगों ने न केवल उनके PM आवास के पिलर तोड़ दिए और आगजनी की, बल्कि पूरे परिवार पर झूठे केस करवाकर उनके पति को जेल भिजवा दिया। शीला ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया, जिस पर उपायुक्त ने दोषियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही।
“जनता की समस्या, मेरी प्राथमिकता” – DC दिनेश यादव
उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले के किसी भी प्रखंड में अगर सरकारी योजनाओं में कोताही या आम जनता का उत्पीड़न हुआ, तो संबंधित पदाधिकारी जवाबदेह होंगे। उन्होंने अधिकारियों को ‘टाइम-बाउंड’ (समयबद्ध) तरीके से फाइलों का निपटारा करने की हिदायत दी।
आज की जनसुनवाई के मुख्य मुद्दे:
- जमीन पर अवैध कब्जा और म्यूटेशन में भ्रष्टाचार।
- सरकारी बहाली के नाम पर ठगी।
- विधवा और तलाकशुदा महिलाओं का उत्पीड़न।
- पीएम आवास निर्माण में दबंगों की बाधा।





