News UDI | गढ़वा : जिले में रसोई गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। रविवार को गढ़वा सदर एसडीएम संजय कुमार के नेतृत्व में हुई एक बड़ी कार्रवाई ने गैस माफियाओं के हौसले पस्त कर दिए हैं। अनुमंडल पदाधिकारी ने गुप्त सूचना के आधार पर गढ़वा प्रखंड के हूर गांव में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में अवैध एलपीजी सिलेंडर लदा वाहन जब्त किया है।
WhatsApp पर मिली थी शिकायत, मौके पर खुली पोल
एसडीएम संजय कुमार को पिछले कुछ समय से व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि हूर गांव में सचिन चौबे नामक व्यक्ति द्वारा ऊंचे दामों पर गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री की जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद जैसे ही एसडीएम की टीम ने सचिन चौबे के ठिकाने पर दबिश दी, घर के अहाते में सिलेंडरों से लदा एक पिकअप वाहन खड़ा मिला।
जब्ती की बड़ी कार्रवाई: 17 भरे और 53 खाली सिलेंडर बरामद

छापेमारी के दौरान प्रशासन ने मौके से कुल 70 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए। इनमें:
- 17 सिलेंडर: पूरी तरह भरे हुए।
- 53 सिलेंडर: खाली।
इतनी बड़ी संख्या में खाली सिलेंडर मिलना इस बात की पुष्टि करता है कि गांव के बीचों-बीच बड़े पैमाने पर अवैध रिफिलिंग या ऊंचे दामों पर बिक्री का खेल चल रहा था। आरोपी सचिन चौबे इन सिलेंडरों के स्रोत या वितरण से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
प्रशासनिक टीम ने कसी नकेल, प्राथमिकी का निर्देश

एसडीएम ने मौके पर ही अंचल अधिकारी सफी आलम और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राहुल मिंज को बुलाकर सिलेंडरों की गिनती कराई। सुरक्षा के मद्देनजर जब्त स्टॉक को तुरंत कल्याणपुर स्थित भारद्वाज भारत गैस एजेंसी की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
कड़े निर्देश जारी:
- एसडीएम ने दोषी व्यक्ति के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया है।
- भारत गैस के सेल्स ऑफिसर अनिर्बान गांगुली को पूरी सप्लाई चेन पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है ताकि आम जनता को किल्लत न हो।
“उपायुक्त श्री दिनेश कुमार यादव के स्पष्ट निर्देश हैं कि जिले में कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम नागरिक अपने आसपास हो रही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।” — संजय कुमार, एसडीएम, गढ़वा।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार के पकड़े जाने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन की इस ‘क्विक एक्शन’ मोड वाली कार्यशैली की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है।





