News UDI | गढ़वा : गढ़वा शहर के सोनपुरवा में मंगलवार की शाम चार लाख रुपये के कथित लेनदेन को लेकर जमकर मारपीट हुई, जिसमें पलामू जिले के लेस्लीगंज अंचल के सीआई नरेंद्र राम लहूलुहान हो गए। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित अंकित उपाध्याय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, घटना के पीछे भ्रष्टाचार और घूसखोरी के गंभीर आरोपों ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है।
घटना का पूरा घटनाक्रम
मामले ने तब तूल पकड़ा जब ड्यूटी से लौटे नरेंद्र राम के सोनपुरवा स्थित घर बेलचम्पा निवासी अंकित उपाध्याय पहुँचा। सीआई का आरोप है कि अंकित ने घर में घुसकर गाली-गलौज की और उन पर हमला कर दिया। घायल अवस्था में नरेंद्र राम को गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दूसरी ओर, आरोपित पक्ष की ओर से सीआई पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अंकित उपाध्याय की पत्नी छोटी देवी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया:
- इलाज के लिए जमीन का सौदा : नौ महीने पहले कैंसर पीड़ित जेठ स्व. अनुज कुमार उपाध्याय के इलाज के लिए 13 डिसमिल जमीन बेचनी थी।
- LPC के नाम पर घूस : आरोप है कि गढ़वा अंचल के तत्कालीन राजस्व उप निरीक्षक (अब लेस्लीगंज के सीआई) नरेंद्र राम ने जमीन का LPC बनाने के एवज में 4 लाख रुपये लिए थे।
- पैसे डकारने का आरोप : पैसे लेने के बाद नरेंद्र राम का तबादला हो गया और काम नहीं हुआ। शिकायत के बाद उन्होंने 1 लाख रुपये तो लौटाए, लेकिन शेष 3 लाख रुपये सात-आठ महीने से नहीं दे रहे थे। इसे लेकर उपायुक्त को भी आवेदन दिया गया।
- हिसाब के दौरान भिड़ंत : मंगलवार को देर शाम नरेंद्र राम ने अंकित को पैसे के हिसाब के लिए अपने घर बुलाया था, जहाँ बहस से शुरू हुआ मामला मारपीट में बदल गई।
पुलिसिया कार्रवाई और स्थिति
| पक्ष | कार्रवाई/स्थिति |
| नरेंद्र राम (CI) | सदर अस्पताल में भर्ती, अंकित के खिलाफ FIR दर्ज कराई। |
| अंकित उपाध्याय | पुलिस द्वारा गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजा गया। |
| प्रशासनिक रुख | पुलिस ने दोनों पक्षों की प्राथमिकी (cross-FIR) दर्ज कर ली है। |
बड़ी बात : इस मामले ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं। जहाँ एक ओर सरकारी कर्मचारी पर हमला हुआ, वहीं दूसरी ओर एक असहाय परिवार से काम के बदले लाखों रुपये ऐंठने का संगीन आरोप भी सामने आया है।







