News UDI | गढ़वा : गढ़वा जिले के नगर ऊंटारी में नवनिर्मित उप-कारा (Sub-Jail) को क्रियाशील करने की दिशा में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को राज्य जेल महानिरीक्षक के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय तीन सदस्यीय टीम ने नगर ऊंटारी उप-कारा का दौरा किया। इस टीम का नेतृत्व सहायक महानिरीक्षक (Assistant Inspector General) श्री तुषार गुप्ता कर रहे थे।
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल के औपचारिक उद्घाटन और संचालन से पूर्व वहाँ की सुरक्षा व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और आवश्यक संसाधनों का बारीकी से आकलन करना था।
सुरक्षा और सुविधाओं का गहन विश्लेषण
निरीक्षण के दौरान एआईजी श्री तुषार गुप्ता ने कारा परिसर के प्रत्येक खंड का जायजा लिया। टीम ने वार्डों की क्षमता, सुरक्षा घेरा (पेरिमीटर वॉल), सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, और जेल कर्मियों के आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया।
सहायक महानिरीक्षक ने जेल अधीक्षक सह गढ़वा सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) संजय कुमार के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में जेल के सफल संचालन के लिए आवश्यक जनशक्ति (Staffing) और रसद आपूर्ति पर विस्तृत चर्चा की गई। श्री गुप्ता ने स्पष्ट किया कि जेल के संचालन में सुरक्षा मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय पर जोर
निरीक्षण के पश्चात अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए श्री तुषार गुप्ता ने कहा :
“नगर ऊंटारी उप-कारा को सुचारु रूप से चालू करने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना अनिवार्य है। कारा की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और कैदियों के लिए न्यूनतम आवश्यक मानव अधिकारों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु त्वरित कार्रवाई की जाए।”

निरीक्षण टीम में शामिल प्रमुख पदाधिकारी
इस महत्वपूर्ण दौरे में राज्य मुख्यालय से आए अधिकारियों के साथ स्थानीय जेल प्रशासन के अधिकारी भी मुस्तैद रहे। टीम में मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी शामिल थे :
- श्री तुषार गुप्ता, सहायक जेल महानिरीक्षक (टीम लीडर)
- श्री चंद्रमौलि सिंह, प्रोबेशन ऑफिसर
- श्री आशीष जायसवाल, सेक्शन ऑफिसर
इसके अतिरिक्त, मंडल कारा गढ़वा के कई संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारी भी इस दौरान मौजूद रहे, जिन्होंने जेल की तकनीकी बारीकियों और संचालन संबंधी चुनौतियों पर अपनी रिपोर्ट साझा की।
क्षेत्र के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह उप-कारा?
नगर ऊंटारी में उप-कारा के चालू होने से गढ़वा जिले के पुलिस प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में कैदियों को जिला मुख्यालय स्थित मंडल कारा ले जाने में काफी समय और सुरक्षा संसाधनों का व्यय होता है। इस उप-कारा के शुरू होने से अनुमंडल क्षेत्र के बंदियों को यहीं रखा जा सकेगा, जिससे पेशी और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में सुगमता आएगी।






