News UDI | गढ़वा : जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने और आमजन को ‘कॉर्पोरेट’ स्तर की सरकारी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार, 06 मई 2026 को उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री अनन्य मित्तल के नेतृत्व में पूरे जिले में एक साथ व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस ‘स्पेशल ड्राइव’ के तहत जिले के PHC, CHC और स्वास्थ्य उपकेंद्रों (HSC) की सघन जांच की गई, जिससे लापरवाह कर्मियों में हड़कंप मच गया।
उपायुक्त का कड़ा संदेश : ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
निरीक्षण अभियान की कमान संभालते हुए उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही या अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि न केवल दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों की उपस्थिति जांची जाए, बल्कि मरीजों से फीडबैक लेकर जमीनी हकीकत का पता लगाया जाए।
गढ़वा के एसडीएम का चिनियां PHC दौरा : व्यवस्थाएं मिलीं दुरुस्त, मगर डॉक्टरों की कमी खली

सदर एसडीएम संजय कुमार ने चिनियां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का बारीकी से निरीक्षण किया।
- निरीक्षण का फोकस : एसडीएम ने नव-निर्मित अस्पताल भवन के इमरजेंसी वार्ड, पुरुष एवं महिला वार्ड की समीक्षा की। उन्होंने संस्थागत प्रसव, एंबुलेंस सेवा, ओपीडी (OPD) और आईपीडी (IPD) की स्थिति पर विस्तार से जानकारी ली।
- ग्राउंड रिपोर्ट : सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई और दो मरीज भर्ती मिले। चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पल्लवी कुमारी अवकाश पर थीं, जबकि एएनएम बबिता कुमारी और अन्य सहायक स्टाफ ड्यूटी पर मौजूद मिले।
- जनता का फीडबैक : स्थानीय लोगों ने अस्पताल की बिल्डिंग और व्यवस्थाओं की तारीफ की, लेकिन एक बड़ी मांग भी रखी। लोगों ने कहा कि यदि यहां डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता हो जाए, तो यह आदर्श केंद्र बन सकता है। सड़क किनारे होने के कारण दुर्घटना के केस भी आते हैं, जिन्हें चिकित्सक न होने पर रेफर करना पड़ता है।
- उपलब्धता : राहत की बात यह रही कि सर्पदंश (Snake Bite) के इलाज के लिए एंटी-वेनम दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध पाई गई।
मैदान में उतरे ‘मैदान-ए-जंग’ के सारथी : किसने कहाँ की जांच?

उपायुक्त के निर्देश पर वरीय अधिकारियों ने मोर्चा संभालते हुए अलग-अलग क्षेत्रों का मूल्यांकन किया :
| अधिकारी का नाम | पदनाम | निरीक्षण क्षेत्र (Blocks) |
| श्री रवीश राज सिंह | भूमि सुधार उप समाहर्ता | कांडी एवं मझीआँव |
| श्री प्रमेश कुशवाहा | वरीय पदाधिकारी | रंका एवं रमकंडा |
| श्री धीरज प्रकाश | जिला परिवहन पदाधिकारी | बरडीहा एवं विशुनपुरा |
| श्री प्रभाकर मिर्धा | अनुमंडल पदाधिकारी (बंशीधर नगर) | केतार, भवनाथपुर एवं खरौंधी |
| श्री संजय कुमार प्रसाद | जिला भू-अर्जन पदाधिकारी | रमना एवं नगर ऊंटरी |
| श्री देवानंद राम | जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी | धुरकी एवं सगमा |
खामियां मिलीं तो MOIC को लगी क्लास

निरीक्षण के दौरान जिन केंद्रों पर अव्यवस्था या संसाधनों की कमी पाई गई, वहां के मेडिकल ऑफिसर इन-चार्ज (MOIC) को तत्काल सुधार के सख्त निर्देश दिए गए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि सुदूरवर्ती और पिछड़े क्षेत्रों में सामान्य स्वास्थ्य, कुपोषण, टीकाकरण और आपातकालीन सेवाएं समय पर मिल सकें।
प्रशासनिक संकल्प : जिला प्रशासन ने दोहराया है कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है। आने वाले समय में निरंतर समीक्षा और औचक निरीक्षण के माध्यम से गढ़वा की स्वास्थ्य सेवाओं को राज्य के लिए एक मिसाल के रूप में विकसित किया जाएगा।














