News UDI | गढ़वा : मेराल थाना क्षेत्र के चामा पंचायत स्थित गोबरदाहा गांव में गुरुवार की सुबह एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहाँ के हड़बडिया तालाब में नहाने के दौरान डूबने से एक 14 वर्षीय किशोरी और उसे बचाने की कोशिश कर रहे उसके 13 वर्षीय भतीजे की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही गांव में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कैसे हुई यह हृदयविदारक घटना?
जानकारी के अनुसार, गोबरदाहा गांव निवासी अजीमुद्दीन खान की पुत्री जैनब खातून (14 वर्ष) गुरुवार सुबह तालाब में नहाने गई थी। नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। अपनी फूआ को मौत के मुंह में समाते देख, किनारे पर मौजूद भतीजा सोहेल खान (13 वर्ष), पिता इकबाल खान, ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी।
दुर्भाग्यवश, पानी की गहराई अधिक होने के कारण सोहेल भी खुद को संभाल नहीं पाया और देखते ही देखते दोनों आंखों से ओझल हो गए।

2 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मिले शव
घटना की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जुटे। तत्काल इसकी सूचना मेराल अंचल अधिकारी (CO) यशवंत नायक और थाना प्रभारी विष्णुकांत को दी गई। प्रशासन ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से सघन तलाशी अभियान शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों के शवों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
प्रशासनिक कार्रवाई और शोक संवेदनाएं

पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेजा गया और पोस्टमार्टम कराकर मृतकों के परिजनों को सौंप दिया गया । इस दुखद खबर को सुनकर पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, झामुमो जिला अध्यक्ष शंभू राम, स्थानीय मुखिया प्रतिमा देवी और विजय विश्वकर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार के घर पहुंचे।
“यह एक अपूरणीय क्षति है। बहादुर बच्चे ने अपनी फूआ को बचाने के लिए जान दांव पर लगा दी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। प्रशासन और हम हर संभव सहायता परिवार को उपलब्ध कराएंगे।” — प्रतिनिधियों का साझा बयान














