News UDI | गढ़वा : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने उपायुक्त के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। उपायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
आज की जनसुनवाई में मुख्य रूप से राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, प्रधानमंत्री आवास, मुआवजा भुगतान, अतिक्रमण, रोजगार सृजन और बकाया मजदूरी जैसे गंभीर मामले सामने आए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आमजनों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता बरती जाए और त्वरित कार्रवाई की जाए।
जनसुनवाई में आए कुछ प्रमुख मामले:

- आम रास्ते पर अवैध कब्जे की शिकायत: मेराल प्रखंड के संगबरिया निवासी संजय कुमार ने शिकायत दर्ज कराई कि गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा आम रास्ते की भूमि पर अवैध रूप से भवन निर्माण कराया जा रहा है। अंचलाधिकारी के रोकने के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। उपायुक्त ने इस मामले पर ससमय उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
- दाखिल-खारिज में अंचल कार्यालय की लापरवाही: सदर प्रखंड के कल्याणपुर निवासी जुबैर अंसारी ने बताया कि भूमि सुधार उप समाहर्ता (LRDC) के आदेश के बावजूद अंचल कार्यालय द्वारा उनकी भूमि का नामांतरण (दाखिल-खारिज) नहीं किया जा रहा है।
- आदिम जनजाति क्षेत्र में आंगनवाड़ी चयन की मांग: चिनिया प्रखंड के सीदे ग्राम के ग्रामीणों ने सामूहिक आवेदन देकर गांव में आंगनवाड़ी सेविका/सहायिका के चयन हेतु ग्रामसभा आयोजित करने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, चयन न होने से क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को पोषाहार मिलने में कठिनाई हो रही है।
- सड़क निर्माण में अधिग्रहित भूमि का मुआवजा: मेराल प्रखंड के दुलदुलवा निवासी रामाधार साह ने शिकायत की कि चिरौंजिया से पचपड़वा पथ निर्माण में उनकी भूमि अधिग्रहित की गई थी, लेकिन जिला भू-अर्जन शाखा द्वारा अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है।

संवेदनशीलता के साथ काम करें अधिकारी : उपायुक्त
”सभी विभागों के कार्यालय प्रधान आमजनों से प्राप्त शिकायतों और समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निष्पादित करें। जनता को अपने हक के लिए परेशान न होना पड़े।”
— पशुपतिनाथ मिश्रा, उपायुक्त, गढ़वा














