News UDI | गढ़वा : समाहरणालय सभागार में आज उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की व्यापक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों के तकनीकी पदाधिकारियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने विभागों से संबंधित अद्यतन भौतिक एवं वित्तीय प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की हुई गहन समीक्षा
बैठक के दौरान जिले में चल रहे महत्वपूर्ण फंड्स और योजनाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- DMFT (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट)
- Untied Fund (अमुक्त निधि)
- PHED (पेयजल एवं स्वच्छता)
- Welfare Fund (कल्याण कोष)
- Aspirational District Fund (आकांक्षी जिला कोष)
उपायुक्त ने इन सभी योजनाओं की वर्तमान स्थिति, वित्तीय व्यय, कार्य प्रगति और लंबित मामलों की बिंदुवार जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं : उपायुक्त

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने स्पष्ट किया कि सरकार की महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा:
”जिन योजनाओं या निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करें। कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी परियोजनाएं निर्धारित मानकों और तकनीकी प्रावधानों के अनुरूप ही पूरी होनी चाहिए।”
उपायुक्त ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को नियमित रूप से कार्यस्थलों का औचक निरीक्षण करने और वास्तविक प्रगति का आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने वित्तीय और भौतिक प्रगति में संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया।
आपसी समन्वय और जन शिकायतों का त्वरित निवारण

श्री मिश्रा ने विकास कार्यों की गति बढ़ाने के लिए विभागीय समन्वय को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी सहयोग और संवाद के माध्यम से योजनाओं के निष्पादन में आने वाली बाधाओं को तुरंत दूर करें। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों में अनावश्यक विलंब, लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। सभी अधिकारी पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करें।
इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र भ्रमण के दौरान मिलने वाली जन शिकायतों और स्थानीय समस्याओं के त्वरित निष्पादन पर बल दिया, ताकि जनता का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो सके।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा, जिला अभियंता (जिला परिषद्) के साथ-साथ राष्ट्रीय उच्च पथ, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विशेष प्रमण्डल सं.-2, भवन प्रमण्डल, राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल, विद्युत प्रमण्डल (गढ़वा एवं नगर उँटारी), जलपथ प्रमण्डल, लघु सिंचाई प्रमण्डल, अनुसंधान प्रमण्डल, कदवन बांध प्रमण्डल (नगर उँटारी) के कार्यपालक अभियंता मौजूद थे।
इनके अलावा जिला कृषि पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला क्रीड़ा पदाधिकारी, जिला कौशल पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी और पीपीआई फेलो ऋषिकेश रंजन सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।














