General Crime Jharkhand Garhwa Ranchi Palamu Sports National International Tech Entertainment

गढ़वा मंडल कारा में आधी रात महाछापेमारी : SDO-SDPO की अगुवाई में खंगाले गए चप्पा-चप्पा वार्ड और बैरक, जेल महकमे में मचा हड़कंप

On: May 17, 2026 8:49 AM
Follow Us:
--Advertisement Here--

News UDI | गढ़वा : झारखंड के गढ़वा मंडल कारा में शनिवार की देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक धावा बोल दिया। SDO और SDPO की अगुवाई में भारी पुलिस बल के साथ शुरू हुई इस औचक छापेमारी से जेल परिसर के अंदर बंदियों से लेकर जेल कर्मियों तक में खलबली मच गई। देर रात तक चले इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान टीम ने जेल के कोने-कोने को खंगाला। हालांकि, इस मैराथन सर्च ऑपरेशन में प्रशासन के हाथ कोई भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं लगी।

आधी रात को अचानक गूंजा सायरन, छावनी में बदला जेल परिसर

आमतौर पर रात के वक्त शांत रहने वाले गढ़वा मंडल कारा में शनिवार देर रात अचानक जिला प्रशासन और पुलिस की गाड़ियों के सायरन गूंज उठे। जब तक कोई कुछ समझ पाता, अधिकारियों की फौज और जवानों ने पूरे जेल परिसर को अपने घेरे में ले लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से जेल के भीतर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और हलचल का माहौल बन गया।

संयुक्त टीम ने तुरंत एक्शन में आते हुए जेल के सभी वार्डों, बैरकों और पूरे परिसर की गहन तलाशी शुरू कर दी। अधिकारियों ने बंदियों के रहने वाले स्थानों, उनके निजी सामानों और उनकी हालिया गतिविधियों का बेहद बारीकी से निरीक्षण किया।

तमाम दिग्गज अधिकारी रहे मुस्तैद, नहीं छूटा कोई कोना

सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस संयुक्त अभियान में जिले के कई आला अधिकारी खुद जमीन पर मोर्चा संभाले हुए थे। इस महाछापेमारी में मुख्य रूप से शामिल रहने वाले अधिकारियों के नाम इस प्रकार हैं :

  • संजय कुमार (एसडीओ – SDO)
  • नीरज कुमार (एसडीपीओ – SDPO)
  • सफी आलम (अंचल अधिकारी – CO)
  • कुमार नरेंद्र नारायण (प्रखंड विकास पदाधिकारी – BDO)
  • सुनील कुमार तिवारी (इंस्पेक्टर सह गढ़वा थाना प्रभारी)

इन अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के भारी संख्या में जवान मुस्तैद रहे, जिन्होंने संयुक्त रूप से जेल के विभिन्न हिस्सों का चप्पा-चप्पा खंगाला।

जांच में क्या मिला? अधिकारियों द्वारा जेल की दीवारों, छतों और सामानों की कड़ाई से ली गई तलाशी के बाद राहत की बात यह रही कि जेल के अंदर से किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामग्री (जैसे मोबाइल, नशा या हथियार) बरामद नहीं हुई।

सुरक्षा पुख्ता, अवैध गतिविधियों पर कड़ा पहरा

इस औचक छापेमारी के दौरान न सिर्फ बैरकों की तलाशी ली गई, बल्कि जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का भी पूरा जायजा लिया गया। अधिकारियों ने ऑन-ड्यूटी सुरक्षाकर्मियों को कड़े निर्देश दिए और यह सुनिश्चित करने को कहा कि जेल के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि संचालित न हो सके।

नियमित सुरक्षा का हिस्सा, आगे भी जारी रहेगा एक्शन : SDO

सफलतापूर्वक अभियान खत्म होने के बाद मीडिया से बात करते हुए एसडीओ संजय कुमार ने बताया :

“यह छापेमारी एक नियमित सुरक्षा जांच (रूटीन चेकअप) के तहत की गई थी। जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर और सतर्क है। जेल के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए समय-समय पर इस तरह की औचक जांच आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगी।”

क्यों गंभीर है प्रशासन?

दरअसल, हाल के दिनों में झारखंड के विभिन्न जिलों की जेलों से मोबाइल फोन, नशीले पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं बरामद होने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद से ही राज्य भर का प्रशासनिक अमला विशेष सतर्कता बरत रहा है। गढ़वा में हुई यह देर रात की कार्रवाई इसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है, ताकि जेलों में अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त रखा जा सके और अनुशासन कायम रहे।

Join WhatsApp

Join Now

YouTube

Subscribe

Join Instagram

Join Now

Also Read

बकरीद पर शांति और सौहार्द बिगाड़ने वालों की खैर नहीं, सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर, उपायुक्त ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

गढ़वा में भीषण गर्मी को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, सीएम और मुख्य सचिव के निर्देश पर प्याऊ और पेयजल व्यवस्था के कड़े आदेश

अनमैप्ड मतदाता एक सप्ताह में कराएं मैपिंग, जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने की अपील

​अपर समाहर्ता ने जनसुनवाई में सुनीं जनता की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित निष्पादन के निर्देश

SDM संजय कुमार की औचक छापेमारी से होटल संचालकों में हड़कंप; कमर्शियल की जगह घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल करने पर नपेंगे रेस्टोरेंट मालिक

गढ़वा में बड़ा खुलासा : जयनगरा में मवेशी तस्करों की पिकअप ने ट्रैक्टर को मारी टक्कर, 17 क्रूरता से बंधे मवेशी बरामद; खलासी गिरफ्तार, सरगनाओं के नाम उजागर