News UDI | गढ़वा : गढ़वा जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) संजय कुमार के निर्देश पर शनिवार को मेराल प्रखंड क्षेत्र के पचपेड़ी मोड़ स्थित ‘विशाल ऑनलाइन सेंटर’ पर छापेमारी कर उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रभारी बीडीओ सह सीओ यशवंत नायक और थाना प्रभारी विष्णुकांत की उपस्थिति में की गई।
अधिकारी के दौरे में खुला था राज, मोटी रकम लेकर बनता था फर्जी सर्टिफिकेट
सीओ यशवंत नायक ने बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा के क्षेत्र भ्रमण के दौरान इस अवैध धंधे का मामला संज्ञान में आया था। प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि पचपेड़ी मोड़ पर स्थित विशाल ऑनलाइन सेंटर में संदिग्ध तरीके से मोटी रकम लेकर पलामू सदर अस्पताल के नाम पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि होने के बाद तुरंत एक जांच टीम का गठन कर मौके पर छापेमारी की गई।
भारी मात्रा में आधार कार्ड और आवेदन बरामद

जांच और छापेमारी के दौरान टीम ने ऑनलाइन सेंटर से बड़ी संख्या में अभिभावकों के आधार कार्ड की छायाप्रतियां (फोटोकॉपी), पहले से बने हुए विभिन्न फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और कई आवेदन फॉर्म बरामद किए हैं। प्रशासन ने इन सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है।
WhatsApp के जरिए डाल्टनगंज से जुड़े हैं तार, ₹1400 तक में होता था सौदा
पूछताछ के दौरान ऑनलाइन सेंटर के संचालक विशाल कुमार (निवासी : गोंदा गांव, थाना – मेराल) ने प्रशासन के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। विशाल ने कुबूल किया कि :
- वह बच्चों के अभिभावकों से आधार कार्ड लेता था।
- इन आधार कार्डों को वह डाल्टनगंज के संतोष कुमार नामक व्यक्ति के व्हाट्सएप (WhatsApp) पर भेजता था।
- प्रति प्रमाण पत्र 1000 रुपये से लेकर 1400 रुपये तक की राशि संतोष को भेजी जाती थी, जिसके बदले वहां से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार होकर आता था।
आगे की कार्रवाई जारी
प्रशासन अब इस मामले में डाल्टनगंज के मुख्य सरगना संतोष कुमार की तलाश में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस रैकेट में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही अन्य कड़ियों को जोड़ते हुए कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी।














