News UDI | गढ़वा : राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सिविल सर्जन कार्यालय गढ़वा के सभागार में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता सिविल सर्जन डा. जान एफ. केनेडी ने की। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों ने डेंगू के बढ़ते खतरे, इससे बचाव के उपायों और जन जागरूकता की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा की।
इस वर्ष की थीम थे : “जांच करें, सफाई करें और ढकें”
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डा. जान एफ. केनेडी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष डेंगू दिवस की थीम “डेंगू नियंत्रण के लिए जन भागीदारी : जांच करें, सफाई करें और ढकें” रखी गई है।
“चूंकि डेंगू से बचाव के लिए फिलहाल कोई प्रभावी टीका या अचूक दवा उपलब्ध नहीं है, इसलिए जन जागरूकता और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करना ही इससे बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।” — डा. जान एफ. केनेडी, सिविल सर्जन, गढ़वा
हफ्ते में एक दिन मनाएं ‘सूखा दिवस’ (Dry Day)
सिविल सर्जन ने आम जनता से अपील की कि वे अपने घरों में सप्ताह में कम से कम एक दिन ‘सूखा दिवस’ (Dry Day) के रूप में मनाएं। इस दिन घरों में रखे सभी जल पात्रों, कूलरों, गमलों आदि का पानी निकालकर उन्हें अच्छी तरह साफ करें और सुखाने के बाद ही दोबारा पानी भरें। ऐसा करने से मच्छरों के अंडे और लार्वा पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के बुखार को हल्के में न लें। बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य उपकेंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल में जाकर डॉक्टरों से संपर्क करें।
मानसून के दौरान और बाद में बढ़ता है खतरा
कार्यशाला में मौजूद जिला महामारी विशेषज्ञ डा. संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि मानसून के दौरान और मानसून के बाद के महीनों में डेंगू का प्रसार बहुत तेजी से होता है। इस मौसम में लोगों को डेंगू से बचाव और नियंत्रण के उपायों की सही जानकारी देना तथा उनके व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना बेहद आवश्यक है।
दिन में काटता है एडिस मच्छर : रखें ये सावधानियां

जिला वीबीडी (VBD) सलाहकार अरविंद कुमार द्विवेदी ने तकनीकी पहलुओं पर रोशनी डालते हुए बताया कि डेंगू फैलाने वाली मादा एडिस मच्छर हमेशा दिन के वक्त काटती है। इससे बचने के लिए लोगों को पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने चाहिए। उन्होंने साफ किया कि यह मच्छर हमेशा साफ और ठहरे हुए पानी में अंडे देता है। इसलिए :
- घरों के आसपास जलजमाव बिल्कुल न होने दें।
- कूलर का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार जरूर बदलें।
- घर की छतों या कबाड़ में रखे नारियल के खोल, डिस्पोजेबल ग्लास, टूटे बर्तन और पुराने टायरों में पानी जमा न होने दें।
व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने की अपील
कार्यशाला के अंत में जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों से अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने की अपील की गई, ताकि डेंगू के खिलाफ इस लड़ाई को एक जन आंदोलन बनाया जा सके।
कार्यशाला में ये रहे उपस्थित:
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के कई प्रमुख अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे, जिनमें शामिल हैं:
- रोहित सिंह (डीपीसी, सहिया कार्यक्रम)
- कुलदीपक अग्रवाल (एडीपीओ, शिक्षा विभाग)
- रोहित राहुल समद (सिटी मैनेजर, नगर परिषद गढ़वा)
- राणा तबस्सुम
- अंकित तिर्की
- रोहित सिंह
- कुमार संजीव शरण
- चंदन कुमार पाल
- राज कुमार वर्मा
- संतोष कुमार
- सुनील पांडेय
- नुरुल्लाह अंसारी
- रौशन कुमार
- विकास कुमार चंदेल
- अजीत सिंह
- जहीर अंसारी तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मी।
संपादकीय नोट : डेंगू एक जानलेवा बीमारी हो सकती है, लेकिन सतर्कता और साफ-सफाई से इसे पूरी तरह रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की इन गाइडलाइंस का पालन करें और अपने आसपास पानी जमा न होने दें।














