News UDI | गढ़वा : समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी अनन्य मित्तल ने जिला खाद्य आपूर्ति विभाग की मैराथन समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जन वितरण प्रणाली (PDS) में किसी भी तरह की पारदर्शिता की कमी या समय पर आपूर्ति न होना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने राशन कार्ड, ई-केवाईसी और खाद्यान्न उठाव की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार के सख्त निर्देश दिए।
7 तारीख तक ‘डोर स्टेप डिलीवरी’ का अल्टीमेटम
बैठक का मुख्य केंद्र खाद्यान्न की उपलब्धता और वितरण रहा। उपायुक्त श्री मित्तल ने निर्देश दिया कि लाभुकों तक अनाज पहुंचाने के लिए डोर स्टेप डिलीवरी (DSD) की प्रक्रिया प्रत्येक माह की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से पूरी की जाए। साथ ही, गोदामों में खाद्यान्न आपूर्ति की रिपोर्ट महीने की 5 से 6 तारीख तक उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि वितरण व्यवस्था निर्बाध बनी रहे।
ई-केवाईसी और राशन कार्ड की गहन समीक्षा

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के तहत लाभुकों के ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और मोबाइल सीडिंग की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई। ERCMS पोर्टल के माध्यम से राशन कार्ड में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश देते हुए उपायुक्त ने ‘राइटफुल टार्गेटिंग’ (सही लाभुक तक पहुंच) सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
लापरवाही पर भड़के DC : जिला आपूर्ति पदाधिकारी को शो-कॉज
समीक्षा के दौरान कई बिंदुओं पर खराब प्रदर्शन (Poor Performance) पाए जाने पर उपायुक्त ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। विशेष रूप से :
- चीनी की आपूर्ति : बैठक में यह बात सामने आई कि वर्ष 2024 के बाद से जिले के किसी भी गोदाम में चीनी की आपूर्ति नहीं हुई है। इस पर स्पष्ट जवाब न मिलने पर उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को कारणपृच्छा (Show-Cause) जारी करने का आदेश दिया।
- धान अधिप्राप्ति : खरीफ विपणन मौसम (KMS) 2026-27 के तहत धान अधिप्राप्ति की धीमी गति पर भी उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की।
- औचक निरीक्षण : प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSOs) को निर्देश दिया गया कि वे राशन दुकानों का नियमित औचक निरीक्षण करें। खाद्यान्नों की कालाबाजारी या अनियमितता मिलने पर दोषी के खिलाफ सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख निर्देश और उपस्थिति
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि समयबद्ध आपूर्ति, पारदर्शिता और जनहित प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए AGRS और PGMS पोर्टल की निगरानी करने का भी निर्देश दिया।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम, जिले के सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, सभी गोदाम प्रबंधक तथा आपूर्ति विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।














