News UDI | गढ़वा : कानूनी उलझनों और कचहरी के चक्करों से परेशान आम जनता के लिए राहत भरी खबर है। नालसा (नई दिल्ली) और झालसा (रांची) के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), गढ़वा के तत्वावधान में आगामी 9 मई को साल की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को सुलभ, सस्ता और त्वरित न्याय दिलाना है।
इस वृहद विधिक अभियान की सफलता और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को जिला व्यवहार न्यायालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक संयुक्त पत्रकार वार्ता आयोजित की गई।
न्याय के मंच पर जुटे जिले के आला अधिकारी
पत्रकार वार्ता में जिले के प्रमुख स्तंभों ने एक साथ बैठकर इस अभियान की रूपरेखा साझा की। इसमें मुख्य रूप से शामिल थे :
- मनोज प्रसाद, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (PDJ) सह अध्यक्ष, DLSA।
- अनन्य मित्तल, उपायुक्त (DC) सह उपाध्यक्ष, DLSA।
- आशुतोष शेखर, पुलिस अधीक्षक (SP)।
- निभा रंजना लकड़ा, सचिव, DLSA।
- महेंद्र पंडित, रजिस्ट्रार।
- राहुल देव बड़ाईक, ASP (अभियान)।
“सबका साथ, सबका विकास और सबका न्याय” का संकल्प
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधान जिला जज मनोज प्रसाद ने कहा कि लोक अदालत का मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका न्याय’ है। उन्होंने इसके फायदों पर प्रकाश डालते हुए कहा :
- अंतिम फैसला : लोक अदालत में सुलझाए गए मामलों का फैसला अंतिम होता है, इसके खिलाफ कहीं कोई अपील नहीं होती, जिससे विवाद हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।
- आर्थिक बचत : समझौते की स्थिति में पक्षकारों द्वारा जमा की गई कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है।
- कटुता का अंत : यह न्यायालय के बाहर आपसी सहमति का मंच है, जिससे वर्षों पुरानी दुश्मनी और कटुता समाप्त होती है।
- व्यापक क्षेत्राधिकार : इस बार न केवल लंबित मुकदमों का निपटारा होगा, बल्कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के निबंधन के लिए विशेष स्टाल भी लगाए जाएंगे। सर्टिफिकेट केसों के लिए अलग बेंच का गठन किया गया है।
प्रशासन और पुलिस का पूर्ण सहयोग
उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि जिला प्रशासन इस आयोजन को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर सहयोग करेगा। उन्होंने इसे न्याय वितरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
वहीं, पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने जानकारी दी कि जिले के सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में लोगों को लोक अदालत के प्रति जागरूक करें और सूचनाएं पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ ले सकें।
इन मामलों का होगा त्वरित निपटारा
डालसा सचिव निभा रंजना लकड़ा ने बताया कि लोक अदालत में निम्नलिखित श्रेणियों के मामलों को प्रमुखता से सुना जाएगा :
- आपराधिक शमनीय मामले (Compoundable Criminal Cases)
- चेक बाउंस (NI Act) एवं बैंक रिकवरी
- मोटर दुर्घटना दावा (MACT)
- श्रम विवाद एवं राजस्व मामले
- बिजली एवं पानी बिल बकाया
- वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर) एवं भरण-पोषण।
- अन्य दीवानी (Civil) मामले।
अपील : मुकदमेबाजी से पाएं मुक्ति
जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा ने आम जनता से भावुक अपील की है कि जो भी व्यक्ति मुकदमेबाजी के लंबे और खर्चीले दौर से मुक्ति चाहते हैं, वे तुरंत संबंधित न्यायालय या डालसा गढ़वा के कार्यालय में संपर्क कर अपने मामलों को सूचीबद्ध कराएं।
याद रखें, 9 मई का दिन आपके विवादों के स्थायी समाधान का दिन हो सकता है।














