News UDI | गढ़वा : जिला प्रशासन और आम जनता के बीच की दूरी को कम करने तथा समस्याओं के त्वरित निष्पादन के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। उपायुक्त (DC) अनन्य मित्तल के दिशा-निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर समाहर्ता (AC) राज महेश्वरम ने की।
जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। इस दौरान राशन, पेंशन, भूमि विवाद, आवास योजनाओं में भ्रष्टाचार और बकाया मजदूरी जैसे गंभीर मामले प्रमुखता से छाए रहे। अपर समाहर्ता ने एक-एक कर सभी फरियादियों की शिकायतों को सुना और मौके पर मौजूद या संबंधित अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया।
पीएम किसान निधि और आवास योजनाओं में अनियमितता की शिकायत
जनसुनवाई के दौरान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित ग्रामीणों ने अपना दर्द साझा किया :
- मेराल प्रखंड : बंका निवासी कृष्ण कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें और उनकी पत्नी को मिलने वाली ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ की राशि पिछले एक साल से बिना किसी स्पष्ट कारण के बंद है। अंचल कार्यालय के चक्कर काटने के बावजूद समाधान नहीं हुआ।
- केतार प्रखंड : यहाँ से आई राधिका देवी ने ‘अबुआ आवास’ और ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ में पंचायत स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि परती कुशवानी की मुखिया द्वारा आवास लाभ दिलाने के नाम पर लाखों की अवैध वसूली की गई है और विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकाया जाता है। अपर समाहर्ता ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
भूमि विवाद और अवैध कब्जे के मामलों पर तीखे तेवर
भूमि संबंधी विवादों को लेकर खरौंधी प्रखंड के करीवाडीह से आए राम लखन राम ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वजों के नाम दर्ज जमाबंदी वाली भूमि पर रिश्तेदारों ने अवैध कब्जा कर लिया है। विरोध करने पर मारपीट की जाती है। उन्होंने ऑनलाइन जमाबंदी सुधारने और अंचल अधिकारी को इस पर त्वरित कार्रवाई हेतु निर्देशित करने की गुहार लगाई।
मुख्यमंत्री पशुधन योजना : निर्माण पूरा, पर भुगतान लंबित

प्रशासनिक शिथिलता का एक और मामला भवनाथपुर के पंडरिया से सामने आया। कतवारू पाल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022-23 में ही ‘मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना’ के तहत बकरी शेड का निर्माण पूर्ण कर लिया था, लेकिन आज तक उन्हें राशि का भुगतान नहीं किया गया है। पूर्व में आदेश के बावजूद भुगतान लंबित रहने पर अपर समाहर्ता ने नाराजगी जाहिर की।
त्वरित निष्पादन का आश्वासन
अपर समाहर्ता राज महेश्वरम ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि उनका गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा :
“आम जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। भूमि विवाद, अवैध अतिक्रमण और कल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभाग के अधिकारियों को इन आवेदनों को अग्रसारित कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।”
इस जनसुनवाई में जिले के कई अन्य क्षेत्रों से आए लोगों ने भी अतिक्रमण, रोजगार सृजन और बकाया मजदूरी भुगतान जैसे विषयों पर अपनी बात रखी। प्रशासन के इस रुख से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि उनकी वर्षों से लंबित समस्याओं का अब समाधान हो सकेगा।














