News UDI | गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिले में पुलिस प्रशासन ने समाज की मुख्यधारा में लौट चुके पूर्व नक्सलियों को लेकर एक अहम पहल की है। मंगलवार को गढ़वा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष शेखर ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय के सभागार में आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों से आत्मीय मुलाकात की और उनका हाल जाना।
खबर के मुख्य बिंदु :
- समीक्षा बैठक : एसपी ने सरेंडर नीति के तहत पूर्व नक्सलियों को मिल रही सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानी।
- व्यक्तिगत संवाद : सभी पूर्व नक्सलियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी वर्तमान समस्याएं सुनी गईं।
- सरकारी योजनाओं का लाभ : प्रोत्साहन राशि, व्यावसायिक प्रशिक्षण, आवास और पारिवारिक लाभ दिलाने पर जोर।
- सक्रिय नक्सलियों से अपील : हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान।
सुरक्षा और आजीविका की ली जानकारी
बैठक के दौरान एसपी आशुतोष शेखर ने आत्मसमर्पण कर चुके इन लोगों के पुनर्वास, वर्तमान आजीविका और सुरक्षा से जुड़ी स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर सभी की समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि गढ़वा पुलिस उनकी हर संभव सहायता के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
शांतिपूर्ण जीवन जीना एक सराहनीय कदम

एसपी ने अपने संबोधन में कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना और शांतिपूर्ण जीवन जीना एक बेहद सराहनीय कदम है। पुलिस प्रशासन इन सभी के बेहतर और सुरक्षित भविष्य के लिए लगातार प्रयासरत है।
आत्मनिर्भर बनाने का है उद्देश्य
इस विशेष बैठक के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए एसपी ने बताया कि प्रशासन की यह कोशिश है कि आत्मसमर्पण कर चुके लोगों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले। इसके तहत उन्हें मिलने वाली प्रोत्साहन राशि, रोजगार के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण, आवास और अन्य पारिवारिक लाभ समय पर मुहैया कराए जाएंगे, ताकि वे समाज से मजबूती से जुड़े रहें और पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सकें।
सक्रिय नक्सलियों को कड़ा संदेश और अपील
इस मौके पर प्रशासन ने जंगलों में भटके और सक्रिय नक्सलियों को भी स्पष्ट संदेश दिया। एसपी ने अपील करते हुए कहा कि वे भी हिंसा का रास्ता छोड़ें और आत्मसमर्पण कर एक सम्मानजनक जीवन की शुरुआत करें।
इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) राहुल देव बड़ाइक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।














