News UDI | गढ़वा : झारखंड की ‘जीवनदायिनी’ कही जाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा के पहिए अब आंदोलन की राह पर हैं। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे एम्बुलेंस कर्मियों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा है। सोमवार को गढ़वा सदर अस्पताल परिसर में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में कर्मचारियों ने रणनीति तैयार की, जिसके तहत आगामी 13 मार्च 2026 को रांची स्थित श्रम भवन (डोरंडा) का घेराव और महाप्रदर्शन किया जाएगा।
भ्रष्टाचार और आर्थिक शोषण का आरोप
झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में सेवा संचालन संस्था ‘सम्मान फाउंडेशन, पटना’ पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन की तानाशाही और आर्थिक शोषण के कारण उनके सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें और शिकायतें:
बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निम्नलिखित बिंदु रखे:
- PF और ESI में गड़बड़ी: फरवरी 2025 से अक्टूबर 2025 तक वेतन से PF और ESI की कटौती नहीं की गई। वहीं नवंबर और दिसंबर में कटौती के बावजूद राशि खातों में जमा नहीं कराई गई।
- वेतन में देरी और कटौती: फरवरी माह से लगातार वेतन भुगतान में देरी हो रही है और मनमानी तरीके से पैसे काटे जा रहे हैं।
- समझौतों का उल्लंघन: 30 जुलाई 2025 को प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच हुए समझौतों को लागू नहीं किया गया है।
- भत्ता और ओवरटाइम का अभाव: 100 किमी से अधिक दूरी (IFT) तय करने पर भी न भोजन भत्ता मिल रहा है और न ही ओवरटाइम।
- ग्रेच्युटी का बकाया: वर्ष 2017 से 2023 तक सेवा देने वाले पुराने कर्मियों को अब तक ‘जिकित्सा हेल्थ केयर’ द्वारा ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया है।
“प्रबंधन श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ा रहा है। कर्मचारियों के लिए बच्चों की स्कूल फीस भरना और लोन चुकाना तक मुश्किल हो गया है। यदि 12 मार्च तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो राज्यभर के कर्मचारी रांची की सड़कों पर उतरेंगे।” — नीरज तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष
13 मार्च को ‘महाआंदोलन’ की तैयारी
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि समस्याओं के समाधान के लिए श्रमायुक्त और संबंधित विभागों को कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। गढ़वा की बैठक में अधिक से अधिक कर्मियों को रांची पहुंचने का आह्वान किया गया है ताकि सरकार और प्रबंधन तक अपनी आवाज पहुंचाई जा सके।







