News UDI | रांची : झारखंड की जीवनदायिनी ‘108 एम्बुलेंस सेवा’ के कर्मचारियों और सरकार के बीच चल रहा गतिरोध फिलहाल वार्ता के बाद शांत हो गया है। झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ (सम्बद्ध – भारतीय मजदूर संघ) के नेतृत्व में शुक्रवार को श्रम भवन, डोरंडा के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। घंटों चली इस गहमागहमी के बाद श्रम विभाग के अधिकारियों और संघ के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता सफल रही, जिसके बाद आंदोलन को 15 दिनों के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
भ्रष्टाचार और शोषण के खिलाफ आर-पार की जंग
आंदोलन के दौरान संघ ने एम्बुलेंस सेवा संचालित करने वाली कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। वार्ता में अधिकारियों को प्रमाणों के साथ बताया गया कि कर्मचारियों का मानक से अधिक मानसिक शोषण, वेतन में अवैध कटौती और व्यापक भ्रष्टाचार किया जा रहा है। अधिकारियों को अवगत कराया गया कि प्रबंधन द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
श्रम विभाग का सख्त रुख: ‘सुधरें या कानूनी कार्रवाई झेलें’
कर्मचारियों के आक्रोश और तथ्यों को देखते हुए निदेशक (न्यूनतम मजदूरी) सह संयुक्त श्रमायुक्त श्री प्रदीप रोबर्ट लकड़ा ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल श्रम अधीक्षक को जांच के आदेश दिए हैं।
वार्ता के मुख्य बिंदु:
- 15 दिनों का आश्वासन: विभाग ने 7 से 15 दिनों के भीतर शिकायतों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
- ग्रेच्युटी का समाधान: जिन कर्मियों ने 5 साल की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें पूर्व कंपनी (ज़िकित्ज़ा हेल्थ केयर लिमिटेड) से ग्रेच्युटी दिलाने हेतु ‘फॉर्म N’ भरवाकर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- कानूनी कार्रवाई: यदि संबंधित कंपनी ने कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
“हमने श्रम विभाग को 15 दिनों का समय दिया है। अगर निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई धरातल पर नहीं दिखी, तो हम दोबारा बड़ा आंदोलन करेंगे और एम्बुलेंस सेवाएं पूरी तरह बाधित कर देंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और प्रबंधन की होगी।” — नीरज तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष (झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ)
फिलहाल जारी रहेंगी सेवाएं
प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने धरना स्थल पर मौजूद सैकड़ों कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अपील की कि वे अपने-अपने जिलों में लौटकर आपातकालीन सेवाओं को पूर्ववत जारी रखें। उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने के लिए पुलिस प्रशासन, मीडिया और भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
वार्ता में शामिल प्रमुख चेहरे
श्रम विभाग से: प्रदीप रोबर्ट लकड़ा (संयुक्त श्रमायुक्त), उदय कुमार (श्रम अधीक्षक-1), एतवारी महतो (श्रम अधीक्षक-2)।
संगठन से: सुबोध कुमार यादव (BMS जिला मंत्री), नीरज तिवारी (प्रदेश अध्यक्ष), मुकेश कुमार (कार्यकारी अध्यक्ष), दिनेश कुमार (कोषाध्यक्ष), रविन्द्र कुमार शर्मा (सचिव)।
आंदोलन के प्रमुख स्तंभ: बृजेश कुमार, रमाशंकर प्रसाद, मुन्ना काश्यप, सूरज साहू, रविकांत देव, मृत्युंजय कुमार, सुखलाल उरांव, रेजिना मरांडी, नीति प्रभा, सागर मंडल, रितेश रंजन सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर के कर्मचारी उपस्थित रहे।





