News UDI | गढवा : जिले की शिक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े छात्र तक पहुँचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। सोमवार को समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लक्ष्य से पिछड़ने वाले बीईईओ (BEEO) पर भड़के उपायुक्त
समीक्षा के दौरान डीसी ने योजनाओं की प्रगति की एक-एक कर जानकारी ली। लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों और प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों (BEEO) पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उपायुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बीईईओ को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने और धरातल पर सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
हाजिरी के आधार पर ही मिलेगा वेतन
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला शिक्षा अधीक्षक (DSW) को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ सभी कर्मियों और शिक्षकों की उपस्थिति रिपोर्ट की नियमित जांच करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि मासिक परिलब्धि (वेतन) का भुगतान केवल दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही किया जाए।
इन प्रमुख बिंदुओं पर हुई गहन समीक्षा
बैठक के दौरान जिले की शैक्षणिक सेहत सुधारने के लिए कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई :
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : कंपोजिट जिला रैंकिंग में सुधार और ‘निपुण भारत मिशन’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर।
- डिजिटल शिक्षा : आईसीटी (ICT) लैब, स्मार्ट क्लास की सक्रियता और पीएम-श्री विद्यालयों का संचालन।
- बुनियादी ढांचा : विद्यालयों में आधारभूत संरचना का विकास, आधार और बायोमेट्रिक अपडेट।
- अन्य योजनाएं : पलाश कार्यक्रम, स्वास्थ्य जांच, आयरन-फोलिक एसिड वितरण और ‘प्रोजेक्ट रेल’ के तहत मासिक मूल्यांकन की समीक्षा।
मध्याह्न भोजन (PM-POSHANN) में कोताही पर स्पष्टीकरण के निर्देश
जिला स्तरीय स्टीयरिंग-सह-मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में मिड-डे मील योजना की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पाया कि कुछ क्षेत्रों में एसएमएस (SMS) के माध्यम से सूचना देने और डेटा एंट्री में लापरवाही बरती जा रही है।
- कार्रवाई के निर्देश : डीसी ने जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों और शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- मेनू का पालन : उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिए कि बच्चों को मिलने वाले पोषक आहार में कोई कटौती न हो और वितरण पूरी तरह से निर्धारित मेनू के अनुसार ही किया जाए।
- मरम्मत कार्य : वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए किचेन-सह-स्टोर की मरम्मत की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई।
“हमारा लक्ष्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभानी होगी।” — दिनेश कुमार यादव, उपायुक्त, गढ़वा

बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC) पशुपतिनाथ मिश्रा, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, बीपीओ, बीपीएम और शिक्षा विभाग के सहायक व कनीय अभियंता मुख्य रूप से उपस्थित थे।





