News UDI | गढ़वा : जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों की अब खैर नहीं है। उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर न केवल भारी जुर्माना वसूला जाएगा, बल्कि दोहराव होने पर सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी।
टास्क फोर्स की बैठक में कड़े फैसले
समाहरणालय में आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में उपायुक्त ने जिले की स्थिति की समीक्षा की। बैठक का मुख्य एजेंडा अवैध खनन पर पूरी तरह लगाम लगाना और राजस्व की चोरी रोकना था।
नई दंडात्मक कार्रवाई के नियम:
प्रशासन ने कार्रवाई के लिए अब एक मानक प्रक्रिया (SOP) तय कर दी है:
- पहली बार पकड़े जाने पर : अवैध खनन या परिवहन में शामिल वाहनों पर ₹50,000 का आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
- दूसरी बार पकड़े जाने पर : संबंधित वाहन मालिक और चालक के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को ‘जीरो टॉलरेंस’ के निर्देश
उपायुक्त दिनेश यादव ने सभी अंचल अधिकारियों (CO) और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों में पैनी नजर रखें। उन्होंने कहा :
“जिले में अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर संयुक्त छापेमारी करें और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।”
निगरानी और सुरक्षा पर जोर
बैठक में केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है :
- नियमित रिपोर्टिंग : अधिकारियों को हर महीने प्रगति रिपोर्ट के साथ बैठक में उपस्थित होना होगा।
- क्षेत्र भ्रमण : अधिकारियों को नियमित रूप से संवेदनशील इलाकों का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- अनुमंडल स्तर पर मुस्तैदी : अनुमंडल स्तर पर निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत करने को कहा गया है।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद? इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक (SP) अमन कुमार, पुलिस उपाधीक्षक (DSP) मुख्यालय यशोधरा, जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे, जबकि अन्य प्रखंड स्तरीय अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया।






